Motihari News: बदलते मौसम, बारिश और बढ़ी उमस के बीच मोतिहारी में वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. जिला सदर अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, बदन दर्द और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. जिला सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक डॉ. शफी इमाम के अनुसार ओपीडी में रोजाना करीब 200 से 300 मरीज वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं.
5 से 7 दिनों तक रह रहा वायरल बुखार
डॉ. शफी इमाम के अनुसार इस बार वायरल संक्रमण का असर अपेक्षाकृत लंबे समय तक बना रह रहा है. कई मरीजों में बुखार और अन्य लक्षण करीब पांच से सात दिनों तक बने रह रहे हैं. उमस और नमी वाले मौसम में वायरस एवं बैक्टीरिया के सक्रिय होने से हर उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है.
उमस और जलजमाव से बढ़ रहा संक्रमण का खतरा
चिकित्सक के अनुसार हवा में अधिक नमी, जलजमाव और मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. बारिश में भीगना, ठंडी-गर्म चीजों का अचानक सेवन और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी लोगों को मौसमी बीमारियों की चपेट में ला सकती है.
वायरल बुखार से बचाव के लिए ये सावधानियां जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- उबला पानी पिएं: पानी को उबालकर या गुनगुना कर पीने की कोशिश करें.
- ताजा भोजन करें: बासी और खुले में रखे भोजन से बचें.
- मच्छरों से बचाव करें: घर के आसपास पानी जमा न होने दें और रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
- बारिश में भीगने से बचें: गीले कपड़े तुरंत बदलें और शरीर को सूखा रखें.
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखें: खांसी या छींक के दौरान अनावश्यक निकट संपर्क से बचें.
बुखार में खुद से दवा लेना पड़ सकता है भारी
डॉ. शफी इमाम ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या दर्द निवारक दवा लेने से बचने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि बुखार, बदन दर्द, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही पूरा इलाज लें.
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