Pakridayal School MDM: पूर्वी चंपारण जिले के पकड़ीदयाल प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मठिया के प्रांगण में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर लगभग पांच बोरी चावल जलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. विद्यालय प्रांगण से भारी मात्रा में धुआं और जलने की दुर्गंध उठने पर स्थानीय ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी. परिसर में सरकारी राशन जलाए जाने की इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है.
एमडीएम वितरण में धांधली और चावल खपाने का आरोप
विद्यालय में नामांकित बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में गंभीर अनियमितता बरतने के आरोप लगाए हैं:
- मानक की अनदेखी: अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को तय सरकारी मानक के अनुसार भोजन नहीं परोसा जाता है, जिससे चावल की नियमित खपत नहीं हो पाती.
- राशन ठिकाने लगाने की साजिश: बचा हुआ राशन सड़ने लगा तो उसे गुपचुप तरीके से आग के हवाले कर ठिकाने लगा दिया गया.
- छात्रों की संख्या: विद्यालय में करीब तीन सौ छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक सहित कुल सात शिक्षक पदस्थापित हैं.
प्रहरी के पिता और अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास
घटनास्थल पर मौजूद विद्यालय के रात्रि प्रहरी के पिता भागवत प्रसाद ने साफ कहा कि चावल विद्यालय का ही था, जो रखे-रखे सड़ गया था इसलिए जला दिया गया.
वहीं मामले में अधिकारियों और प्रधानाध्यापक के बयानों में विरोधाभास देखने को मिला है:
- प्रभारी बीईओ गोविंद कुमार: 15 अगस्त की तैयारियों के तहत स्कूल परिसर की साफ-सफाई के दौरान सड़े हुए चावल को जलाया गया.
- प्रधानाध्यापक शम्भू सिंह: जलाया गया चावल विद्यालय का नहीं है. किसी ने उन्हें फंसाने की नीयत से बाहर से चावल लाकर परिसर में आग लगाई है.
आक्रोशित ग्रामीणों ने इसे गंभीर प्रशासनिक कृत्य बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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