रक्सौल में वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष पर सामूहिक गायन, भारत माता और विवेकानंद की झांकी बनी आकर्षण

रक्सौल में राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर भारत माता और स्वामी विवेकानंद की झांकियों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर लोगों का मन मोह लिया.

Vande Mataram 150 Years: राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को भारत विकास परिषद, रक्सौल शाखा के तत्वावधान में पोस्ट ऑफिस रोड स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर के नटराज सेवा संगम कार्यालय में सामूहिक वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया. संगीतमय आयोजन के दौरान पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के गीतों से गूंज उठा और उपस्थित लोगों में देशप्रेम का उत्साह देखने को मिला.

सामूहिक वन्दे मातरम् गायन से गूंजा परिसर

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. संजय कुमार दास के संगीत संयोजन और श्रीराम-जानकी म्यूजिकल ग्रुप की संचालिका व्यास जूही राज के सहयोग से सामूहिक गायन आयोजित हुआ.

इसमें सरस्वती विद्या मंदिर की छात्राओं, भारत विकास परिषद के सदस्यों, नटराज सेवा संगम के कलाकारों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन किया.

भारत माता और स्वामी विवेकानंद का स्वरूप रहा आकर्षण

नटराज सेवा संगम के कलाकार धीरज कुमार के निर्देशन में एक छात्रा को भारत माता और एक विद्यार्थी को स्वामी विवेकानंद का स्वरूप प्रदान किया गया. दोनों की प्रस्तुति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही. देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया.

9 से 17 अगस्त तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम

भारत विकास परिषद रक्सौल शाखा के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी एवं कार्यक्रम संयोजक अजय कुमार ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देश के तहत 9 से 17 अगस्त तक वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

इन कार्यक्रमों में सामूहिक गायन, प्रदर्शनी, तिरंगा रैली, ‘सेल्फी विद तिरंगा’ और तिरंगा रंगोली सहित कई आयोजन शामिल हैं.

युवा पीढ़ी में देशप्रेम मजबूत करने पर जोर

परिषद के सचिव नरेश कुमार एवं सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी बिमल कुमार सर्राफ ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन और देशप्रेम की भावना मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

संरक्षक भरत प्रसाद गुप्त एवं अवधेश सिंह ने कहा कि सामूहिक गायन के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

जूही राज और संजय दास हुए सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में श्रीराम-जानकी म्यूजिकल ग्रुप की संचालिका जूही राज एवं संगीत संयोजक संजय दास को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ.

मौके पर योगेन्द्र प्रसाद, सुनील कुमार, दिनेश प्रसाद, विनोद कुमार, अरविंद जायसवाल, विवेक कुमार चौरसिया, धर्मनाथ प्रसाद, शरद सर्राफ, पन्नालाल प्रसाद, अंकेश्वर सर्राफ, राजेश आर्य, सुरेश कुमार, बलराम प्रसाद, पूरन पटेल, अखिलेश कुमार गुप्ता एवं नीरज गुप्ता सहित परिषद के सदस्य, नटराज सेवा संगम के कलाकार, सरस्वती विद्या मंदिर के आचार्य-आचार्या एवं छात्राएं तथा शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By मनोज कुमार गुप्ता

मनोज कुमार गुप्ता बीते 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट, रेडियो और डिजिटल माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. वर्तमान में भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र से रिपोर्टिंग करते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों, सीमा सुरक्षा और नेपाल की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं. सामाजिक सरोकारों में गहरी रुचि के साथ वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके समाधान के प्रयासों के लिए जाने जाते हैं.

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