15 साल पहले नौकरी के लिए भारत आई थी महिला, वीजा खत्म होने पर बनवाया फर्जी आधार, रक्सौल बॉर्डर पर पकड़ी गई उज्बेकिस्तानी महिला

रक्सौल बॉर्डर पर एसएसबी ने उज्बेकिस्तान की एक महिला को गिरफ्तार किया है. वह 15 साल से भारत में रह रही थी और नेपाल भागने की फिराक में थी. महिला के पास से फर्जी आधार कार्ड और उज्बेकिस्तान का पासपोर्ट बरामद हुआ है.

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Raxaul News: 15 साल से भारत में रह रही उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड के सहारे रह रही थी

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रक्सौल बॉर्डर पर उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, मोबाइल से मिला पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड का खुलासा

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रक्सौल के मैत्री पुल पर एसएसबी ने उज्बेकिस्तान की एक महिला को हिरासत में लिया. जांच में फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल से उज्बेकिस्तान का पासपोर्ट मिला. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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वीजा खत्म होने के बाद बदला नाम, फर्जी आधार बनवाया... नेपाल भागने की कोशिश में विदेशी महिला पकड़ी गई

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रक्सौल बॉर्डर पर उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, मोबाइल से मिला पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड का खुलासा

रक्सौल. भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री पुल के पास नियमित जांच के दौरान एसएसबी ने एक विदेशी महिला को हिरासत में लिया. महिला नेपाल जाने की कोशिश कर रही थी. जांच के दौरान उसके पास भारतीय नागरिकता से जुड़ा कथित फर्जी आधार कार्ड मिला, जबकि मोबाइल फोन की जांच में उज्बेकिस्तान का पासपोर्ट मिलने के बाद उसकी वास्तविक पहचान सामने आई.

एसएसबी ने महिला को आगे की कार्रवाई के लिए हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया है.

मोबाइल में मिला पासपोर्ट, सामने आई असली पहचान

हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि 16 जुलाई की देर शाम एसएसबी ने महिला को हिरासत में लिया था.

पूछताछ में उसकी पहचान उज्बेकिस्तान निवासी बोजोरोवा शकरजोंन के रूप में हुई. उसका जन्म 20 दिसंबर 1994 को हुआ है. पुलिस के अनुसार, उसके पासपोर्ट की वैधता अक्टूबर 2029 तक है.

15 साल पहले रोजगार के लिए आई थी भारत

पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह करीब 15 वर्ष पहले रोजगार के लिए भारत आई थी. इस दौरान उसके पति और दो बच्चे उज्बेकिस्तान में ही रहे, जबकि वह भारत में रहने लगी.

महिला ने यह भी बताया कि करीब एक वर्ष पहले मुंबई के एक बिल्डर प्रकाश पवनानी के संपर्क में आने के बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे.

वीजा खत्म होने के बाद बनवाया कथित फर्जी आधार

पुलिस के अनुसार, महिला का वीजा करीब सात महीने पहले समाप्त हो गया था. इसके बाद भारत में रहने के लिए उसके कथित भारतीय मित्र ने उसके मूल नाम के बजाय दूसरे नाम से आधार कार्ड बनवा दिया.

जांच के दौरान बरामद आधार कार्ड की वैधता और उसे बनवाने में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

नेपाल के रास्ते देश छोड़ने की थी तैयारी

प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि उसे जानकारी दी गई थी कि नेपाल के रास्ते उज्बेकिस्तान लौटना आसान होगा. इसी वजह से वह भारत-नेपाल सीमा पार करने की कोशिश कर रही थी.

कई बिंदुओं पर जांच जारी

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि महिला इतने वर्षों तक भारत में किन परिस्थितियों में रही, फर्जी दस्तावेज किसने और कैसे बनवाए, उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और नेपाल जाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था.

हरैया थाना पुलिस ने बताया कि विदेशी नागरिक अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला को न्यायालय में पेश किया जाएगा.


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लेखक के बारे में

Author: Jitendra kumar

Published by: Aaruni Thakur

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