Motihari Crime: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी जिले में एक सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है. लखौरा मिडिल स्कूल के पास स्थित प्राचीन रामजानकी मठ से चोर करीब 200 वर्ष पुरानी अष्टधातु की तीन प्राचीन मूर्तियां चुरा ले गए. घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. स्थानीय लोगों का दावा है कि चोरी गई प्रतिमाएं भगवान राम, माता जानकी और सीता की हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है. हालांकि, इस कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
थाने से 200 मीटर दूर स्थित है मठ
बताया जा रहा है कि रामजानकी मठ लखौरा थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है. इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण मठ परिसर में जुट गए. लोगों में चोरी को लेकर भारी आक्रोश देखा गया.
200 वर्ष पुरानी थीं दुर्लभ प्रतिमाएं
मठ के महंत धनराज दास और स्थानीय लोगों ने बताया कि चोरी गई प्रतिमाएं करीब 200 वर्ष पुरानी थीं. जमीन दाता परिवार के वंशज पुन देव पंडित ने बताया कि इन प्रतिमाओं का निर्माण उनके पूर्वज गणेश पंडित के दान से कराया गया था.
उनके अनुसार प्रतिमाएं अष्टधातु के साथ चांदी, सोना, हीरा और अन्य बहुमूल्य धातुओं के मिश्रण से निर्मित थीं, जिससे उनका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व काफी अधिक था.
'सनातन आस्था पर प्रहार' बता रहे स्थानीय लोग
स्थानीय निवासी जीतू सिंह ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है. ग्रामीणों ने जल्द से जल्द मूर्तियों की बरामदगी और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने पर लखौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.
पुलिस का कहना है कि चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. आसपास के क्षेत्रों में भी जांच और छानबीन जारी है.
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