मोतिहारी सर्पदंश मामला: पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र की सिसहनी पंचायत के वार्ड नंबर-11 में सांप के डंसने से 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी. मृतका की पहचान बैजनाथ साह की पुत्री रूबी कुमारी के रूप में हुई है. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में मातम पसरा है.
सांप के डंसने के बाद पहले करायी झाड़-फूंक
बताया जाता है कि रूबी कुमारी को सांप ने डंस लिया था. घटना के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने के लिए लेकर चले गये. वहां से लौटने के बाद बच्ची की तबीयत और बिगड़ गयी.
इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत गंभीर हो गयी. अस्पताल पहुंचने से पहले ही रूबी ने दम तोड़ दिया.
इलाज में देरी से बिगड़ी स्थिति
बच्ची की मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गयी. माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है. रूबी की मौत की खबर मिलने के बाद आसपास के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे.
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच भी सर्पदंश को लेकर चर्चा शुरू हो गयी. ग्रामीणों का कहना है कि सांप काटने के मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीज की स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है.
सर्पदंश में तत्काल अस्पताल पहुंचना जरूरी
रूबी की मौत की घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के बाद इलाज को लेकर जागरूकता की जरूरत को फिर सामने ला दिया है. सांप के डंसने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है. ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ती है. गांवों में जागरूकता की कमी और अस्पताल पहुंचने में देरी कई बार स्थिति को और गंभीर बना देती है.
रूबी की मौत से परिवार ने अपनी 12 वर्षीय बेटी को खो दिया. घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है.
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