शमशाद आलम हत्याकांड: बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी पंचायत के शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित एसआईटी ने मुख्य अभियुक्त जटवा निवासी शब्बीर आलम को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बतायी जा रही ‘मुखिया’ की नेमप्लेट लगी कार भी जब्त की है. पुलिस के अनुसार, मामले में पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन की भूमिका सामने आयी है और वह फिलहाल फरार है.
परीक्षा ड्यूटी से लौटते समय शिक्षक को घेरा
शमशाद आलम उच्च विद्यालय सिसवा उर्दू में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे. जानकारी के अनुसार, वह पंचायत के बनकट स्थित मध्य विद्यालय में परीक्षा ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान सिसवा पूर्वी पंचायत सरकार भवन के पास अपराधियों ने उन्हें घेर लिया.
पुलिस के अनुसार, शिक्षक के साथ बेरहमी से मारपीट की गयी. इसके बाद उनके शव को एक वाहन में रखा गया और जटवा से जनेरवा जाने वाले मुख्य मार्ग के पास स्थित जंगल में फेंक दिया गया. मृतक शिक्षक सिसवा शाहबाज टोला के रहने वाले थे.
रातभर छापेमारी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया. टीम ने रातभर अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जटवा निवासी शब्बीर आलम को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस जमीन से शिक्षक का शव बरामद किया गया था, वह गिरफ्तार आरोपी शब्बीर आलम की बतायी जा रही है. पुलिस अब इस तथ्य समेत हत्या की पूरी साजिश और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
पूर्व प्रमुख चमन पर 20 हजार का इनाम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपी शब्बीर को पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन ने फोन कर बुलाया था. जांच में चमन को इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है. हालांकि, उसकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है.
पुलिस ने फरार जफीर आजाद उर्फ चमन की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.
वैज्ञानिक जांच से जुटाये जा रहे साक्ष्य
एसआईटी हत्या की वजह, घटना में शामिल अन्य लोगों और इस्तेमाल किये गये वाहन समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का भी सहारा ले रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी.
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