Motihari News: मोतिहारी सदर प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर अब विशेष नजर रखी जाएगी. प्रखंड में संचालित उन सभी विद्यालयों की बारी-बारी से जांच की जाएगी, जहां बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार किया जाता है. जांच के दौरान अधिकारी खुद भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन मिलने की स्थिति की पड़ताल करेंगे.
सभी एमडीएम वाले स्कूलों में चखा जाएगा भोजन
अवर निरीक्षी पदाधिकारी अफरोज आलम ने बताया कि मोतिहारी प्रखंड में बच्चों के लिए एमडीएम तैयार करने वाले सभी विद्यालयों में बारी-बारी से भोजन की जांच की जाएगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल रहा है या नहीं.
जांच के दौरान भोजन की गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
मेनू के अनुसार बच्चों को मिलेगा अलग-अलग भोजन
विद्यालयों में बच्चों को हर दिन एक ही तरह का भोजन नहीं मिले, इसके लिए सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए अलग-अलग व्यंजन निर्धारित किए गए हैं. निर्धारित साप्ताहिक मेनू के अनुसार बच्चों को चावल-दाल, सब्जी, खिचड़ी, पुलाव सहित अन्य पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है.
निर्धारित दिनों में अंडा या अन्य पौष्टिक विकल्प भी बच्चों के भोजन में शामिल किए जाते हैं.
साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्था भी होगी जांच
एमडीएम की जांच केवल भोजन के स्वाद और गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगी. अधिकारियों की टीम विद्यालय में भोजन तैयार करने की जगह की साफ-सफाई, भोजन परोसने की व्यवस्था और निर्धारित मेनू के पालन की भी जांच करेगी.
इससे विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
लापरवाही मिलने पर होगी आवश्यक कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान यदि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई या मेनू के पालन में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के लिए तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है.
अभिभावकों को भी बेहतर भोजन की उम्मीद
अधिकारियों की ओर से शुरू की जा रही इस पहल से अभिभावकों को भी उम्मीद है कि विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा. नियमित जांच से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण संबंधी मानकों के पालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
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