Motihari School Guidelines: जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार गिरी ने सख्त रुख अपनाया है. डीईओ कार्यालय (समग्र शिक्षा अभियान) द्वारा जारी ज्ञापांक 1979 के तहत सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 34 से अधिक मुख्य बिंदुओं की विस्तृत गाइडलाइन लागू की गई है. इस आदेश का पालन न करने वाले शिक्षकों और लापरवाही छुपाने वाले प्रधानाध्यापकों पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
लाउडस्पीकर पर बजेंगे गीत, मोबाइल इस्तेमाल पर रोक
विद्यालयों में नया शैक्षणिक माहौल तैयार करने के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है:
- प्रेरणादायक गीत व चेतना सत्र: स्कूल खुलते ही लाउडस्पीकर पर "स्कूल चले हम" और "घंटी बजी टन-टन-टन" जैसे गीत बजाए जाएंगे.
- शिक्षकों पर पाबंदी: वर्गकक्ष या स्कूल परिसर में शिक्षकों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है.
- ड्रेस कोड व आईडी: सभी शिक्षकों को फॉर्मल ड्रेस में आना होगा. शिक्षकों और छात्रों के लिए परिचय पत्र होना अनिवार्य है.
लाल स्याही से होगी होमवर्क जांच, रेमेडियल कक्षाएं
गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को रोजाना पाठ टीका (लेसन प्लान) तैयार करना होगा.
- गृहकार्य की जांच: बच्चों को नियमित गृहकार्य दिया जाएगा, जिसकी जांच लाल स्याही से दिनांक सहित हस्ताक्षर कर की जाएगी.
- मूल्यांकन व कमजोर छात्र: साप्ताहिक व मासिक परीक्षाओं की कॉपियां अभिभावकों को दिखाई जाएंगी. पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए विशेष उपचारात्मक (रेमेडियल) कक्षाएं चलेंगी.
लापरवाही छुपाने पर प्रधानाध्यापकों पर भी कार्रवाई
विद्यालयों में रोजाना अनुपालन चेकलिस्ट तैयार कर दस्तावेजीकरण किया जाएगा. यदि कोई शिक्षक नियमों का उल्लंघन करता है, तो प्रधानाध्यापक को तुरंत बीईओ या जिला कार्यालय को सूचित करना होगा. सूचना छिपाने पर इसे प्रधानाध्यापक की संलिप्तता माना जाएगा और उन पर भी दंडात्मक कार्रवाई होगी.
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