उग्र भीड़ सामने हो तो कैसे संभालेंगे हालात? रक्सौल में SSB जवानों ने किया दंगा नियंत्रण का अभ्यास

रक्सौल में SSB की 47वीं वाहिनी ने दंगा नियंत्रण अभ्यास आयोजित किया। जवानों को उग्र भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया गया।

SSB Riot Control Drill: उग्र भीड़ सामने हो, हिंसक प्रदर्शन की स्थिति बन जाए या अचानक कानून-व्यवस्था बिगड़ने लगे, ऐसे हालात में जवान किस तरह कार्रवाई करेंगे? इसी तैयारी को परखने के लिए शुक्रवार को रक्सौल स्थित एसएसबी की 47वीं वाहिनी मुख्यालय परिसर में दंगा नियंत्रण अभ्यास आयोजित किया गया.

अभ्यास के दौरान जवानों को दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल से लेकर भीड़ को नियंत्रित करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई तक का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया.

कम से कम बल प्रयोग कर भीड़ को कैसे करेंगे नियंत्रित?

प्रशिक्षकों ने जवानों को दंगा नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल होने वाले विभिन्न फॉर्मेशन की जानकारी दी. उन्हें बताया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए कम से कम बल प्रयोग के साथ भीड़ को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है.

जवानों ने सुरक्षा कवच के साथ आगे बढ़ने, दंगा नियंत्रण उपकरणों का इस्तेमाल करने और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया.

साथी जवान या नागरिक घायल हो तो क्या होगी रणनीति?

अभ्यास का एक हिस्सा आपात स्थिति में रेस्क्यू से भी जुड़ा रहा. जवानों को बताया गया कि किसी हमले या हिंसक स्थिति के दौरान अगर कोई साथी जवान या नागरिक घायल हो जाए तो उसे सुरक्षित तरीके से घटनास्थल से कैसे बाहर निकाला जाए.

इस दौरान त्वरित कार्रवाई और जवानों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में बिना देरी के प्रतिक्रिया दी जा सके.

सीमावर्ती इलाके में इसलिए अहम है ऐसी ट्रेनिंग

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नियमित अभ्यास से बलकार्मिकों की कार्यकुशलता, आपसी समन्वय और आत्मविश्वास बढ़ता है. सीमावर्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए ऐसी ट्रेनिंग जरूरी है.

अभ्यास के अंत में अधिकारियों ने जवानों को ड्यूटी के दौरान अनुशासन और संयम बनाए रखने के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया. एसएसबी की ओर से इस अभ्यास के जरिए जवानों को आपात परिस्थितियों के लिए तैयार रहने और जरूरत पड़ने पर समन्वित तरीके से कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया गया.


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Author: Jitendra kumar

Published by: Aaruni Thakur

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