Motihari News: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय जाली मुद्रा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और लखौरा थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से 500 रुपये के कुल 176 नोट, यानी 88,000 रुपये मूल्य की संदिग्ध जाली भारतीय मुद्रा (FICN) बरामद की गई है. यह पूरी कार्रवाई 71वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई.
Lakhaura News: मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर खुफिया इनपुट पर लगाया गया नाका
एसएसबी की आसूचना शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि मोतिहारी-लखौरा मार्ग से जाली नोटों की एक बड़ी खेप ले जाई जाने वाली है.
कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार के निर्देश पर एसएसबी ने तुरंत यह इनपुट लखौरा थाना पुलिस के साथ साझा किया. इसके बाद उपनिरीक्षक रिषभ सिंह रावत के नेतृत्व में एसएसबी जवानों और बिहार पुलिस के जवानों की एक संयुक्त टीम गठित की गई. संयुक्त टीम ने मोतिहारी–लखौरा मुख्य मार्ग पर पहुंचकर संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी के लिए प्रभावी नाकेबंदी की.
बाइक सवार दो आरोपियों को घेराबंदी कर दबोचा
नाकेबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रहे दो संदिग्धों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया. जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया और पूछताछ शुरू की.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान चिरैया थाना क्षेत्र के ग्राम बसवरिया निवासी शेख मुलाजिम के पुत्र शेख नूर आलम (38 वर्ष) और ग्राम महुआवा निवासी मो. शफीक मियां के पुत्र मो. इस्तकार (35 वर्ष) के रूप में हुई है.
कई नोटों पर मिले समान सीरियल नंबर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत सदर मोतिहारी के अंचल अधिकारी (CO) सुनील कुमार को मौके पर बुलाया गया.
सीओ की विधिवत मौजूदगी में जब तलाशी ली गई, तो आरोपी शेख नूर आलम के पास से 500 रुपये के 176 संदिग्ध नोट बरामद हुए. टीम द्वारा नोटों की बारीकी से जांच करने पर मुद्रण गुणवत्ता काफी फीकी पाई गई और कई नोटों पर एक ही समान क्रम संख्या (सीरियल नंबर) अंकित मिले, जिससे इसके प्रथम दृष्टया फेक इंडियन करेंसी होने की पुष्टि हुई. दोनों आरोपियों और जब्त जाली नोटों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए लखौरा थाने को सुपुर्द कर दिया गया है. पुलिस अब इस सिंडिकेट के सीमा पार कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है.
