Motihari News: पूर्वी चंपारण में बिहार शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज कर्मियों का पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है. संघ का कहना है कि अप्रैल 2026 से अब तक भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 26 जुलाई को मोतिहारी के गांधी मैदान में बैठक बुलाई गई है.
अप्रैल 2026 से लंबित है मानदेय
बिहार शिक्षा सेवक एवं तालिमी मरकज संघ के प्रदेश अध्यक्ष अहमद रेजा ने कहा कि शिक्षा सेवकों और तालिमी मरकज कर्मियों का अप्रैल 2026 से मानदेय लंबित है. लगातार चार महीने तक भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है.
उन्होंने कहा कि पहले से ही कम मानदेय मिलने के कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. ऐसे में समय पर भुगतान नहीं होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं.
सरकार से की भुगतान की मांग
संघ ने बताया कि लंबित मानदेय के भुगतान सहित अन्य समस्याओं को लेकर सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष कई बार मांग रखी गई है. कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय पर मानदेय नहीं मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है.
26 जुलाई को गांधी मैदान में बैठक
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 26 जुलाई को मोतिहारी के गांधी मैदान में शिक्षा सेवकों और तालिमी मरकज कर्मियों की बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में लंबित मानदेय और अन्य मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
संघ का दावा है कि बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज कर्मी शामिल होंगे तथा सामूहिक निर्णय लिया जाएगा.
यह भी पढ़ें: 7 साल की मासूम की आंख और मुंह में डाला कथित तेजाब, SKMCH में भर्ती
