underage driving danger: मोतिहारी जिला के कल्याणपुर प्रखंड मुख्यालय एवं आसपास के बाजार क्षेत्रों में इन दिनों 12 से 13 वर्ष की उम्र के नाबालिग बच्चे बेखौफ होकर मोटरसाइकिल, टेम्पो और टोटो चलाते नजर आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस और पर्याप्त अनुभव के ये बच्चे सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. कई बार ये बच्चे तेज गति से वाहन चलाते हैं और यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है.
Motihari news: नाबालिगों द्वारा बेखौफ वाहन संचालन
प्रखंड के विभिन्न बाजारों में कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाना आम बात हो गई है. बिना किसी लाइसेंस या वैध कागजात के बच्चे तेजी से गाड़ियां भगाते हैं, जिससे राहगीरों और बुजुर्गों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है. यातायात नियमों की इस अनदेखी से आए दिन सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहता है.
minor driving road safety: लगातार बढ़ रही हैं सड़क दुर्घटनाएं
कम उम्र के बच्चों के हाथ में स्टेरिंग होने के कारण हाल के दिनों में छोटी-बड़ी कई सड़क दुर्घटनाएं सामने आई हैं. इन हादसों में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रशासन की चुप्पी और उदासीनता
इतनी गंभीर समस्या होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन इस मामले में पूरी तरह मौन और उदासीन बना हुआ है. पुलिस या परिवहन विभाग द्वारा ऐसे नाबालिग चालकों और उनके वाहनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे बेलगाम चालकों के हौसले बुलंद हैं.
अभिभावकों की जिम्मेदारी और जागरूकता
विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई या जुर्माना लगाने से इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता है. इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा कि वे अपने कम उम्र के बच्चों को वाहन न सौंपें. बच्चों की नादानी उनकी और दूसरों की जान के लिए भारी पड़ सकती है.
