रक्सौल से जितेन्द्र कुमार की रिपोर्ट
Raxaul Murder Case: पलनवा थाना पुलिस ने अज्ञात महिला की हत्या के मामले का सफल उद्भेदन करते हुए पति, उसकी दूसरी पत्नी और एक तांत्रिक सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार दूसरी शादी को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुनियोजित साजिश रचकर महिला की हत्या की गई थी. वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्य और एसआईटी की जांच के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हुआ है.
Motihari News: अज्ञात महिला का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच
पलनवा थाना कांड संख्या 132/2026 के तहत 17 जून 2026 को अज्ञात महिला की हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पहुंची. एफएसएल, डीआईयू और अन्य तकनीकी टीमों की सहायता से साक्ष्य एकत्र किए गए. वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं.
दूसरी शादी के विवाद में रची गई हत्या की साजिश
जांच में सामने आया कि मृतका के पति तपेश्वर सहनी ने नेपाल निवासी लक्ष्मी देवी से दूसरी शादी कर रखी थी. इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी दौरान दोनों पक्षों का संपर्क तांत्रिक सिकंदर सहनी उर्फ भगत जी से हुआ. पुलिस के अनुसार तांत्रिक ने विवाद समाप्त कराने के नाम पर दोनों पक्षों से 50-50 हजार रुपये की मांग की और इसी दौरान हत्या की साजिश रची गई.
नेपाल घुमाने का झांसा देकर बुलाया
पुलिस के अनुसार तांत्रिक ने मृतका को नेपाल घुमाने और संपत्ति का मालिक बनाने का झांसा देकर मोतिहारी बुलाया. इसके बाद तांत्रिक, मृतका का पति तपेश्वर सहनी और उसकी दूसरी पत्नी लक्ष्मी देवी उसे लोकल ट्रेन से मोतिहारी से रक्सौल लेकर जा रहे थे. इसी दौरान मसना डीह हॉल्ट के पास उसकी हत्या कर दी गई.
तीनों आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक कार्रवाई शुरू
पुलिस ने इस मामले में सिकंदर सहनी उर्फ भगत जी (46 वर्ष), निवासी भवानीपुर, थाना सुगौली, तपेश्वर सहनी (58 वर्ष), निवासी झिटकहिया, थाना लखौरा तथा लक्ष्मी देवी (35 वर्ष), निवासी बागलुङ, नेपाल को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.
एसआईटी और तकनीकी टीम की रही अहम भूमिका
पुलिस ने बताया कि मामले के सफल उद्भेदन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद के नेतृत्व में गठित एसआईटी, अंचल निरीक्षक अनुज कुमार पाण्डेय, पलनवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, पुलिस अवर निरीक्षक भीम सिंह, डीआईयू टीम तथा पलनवा थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
