child justice movement: रक्सौल से सटे नेपाल के इलाकों में 3 साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. सीमरा के बाद अब नेपाल के कलैया के बरियारपुर और वीरगंज में भी बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है. शनिवार को स्कूली बच्चों ने सड़कों पर उतरकर रैली निकाली और दोषियों को मौत की सजा देने की जोरदार मांग की.
Nepal protest: नेपाल के विभिन्न शहरों में जोरदार प्रदर्शन
आंदोलन की यह आग नेपाल के सीमावर्ती शहरों में तेजी से फैलती जा रही है. वीरगंज और कलैया में हजारों की संख्या में छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर आरोपियों को फांसी पर लटकाने की मांग कर रहे हैं. नेपाल पुलिस ने इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने में फिलहाल विफल साबित हो रहा है.
Crime News: नेपाली कानून और गृहमंत्री का बयान
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरूंग ने इस अमानवीय घटना पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर स्पष्ट किया कि सरकार निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. गृहमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के मौजूदा संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत मृत्युदंड का कानून बनाना संभव नहीं है. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ अधिकतम कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
न्याय की मांग और प्रशासन की सख्ती
घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए हो. गृह मंत्रालय ने सुरक्षा निकायों और स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सजा मिल सके.
