पूर्वी चंपारण पेंशन अलर्ट: जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ लेने वाले 41,348 पेंशनधारियों के लिए जरूरी खबर है. बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होने के कारण इन लाभार्थियों की पेंशन राशि रुक गयी है. प्रशासन ने प्रभावित पेंशनधारियों से जल्द बैंक खाते की आधार सीडिंग कराने की अपील की है.
अप्रैल 2026 से बदला पेंशन भुगतान का तरीका
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से एनएसएपी पेंशन योजनाओं का संचालन एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से किया जा रहा है. इसके तहत पेंशन की राशि जारी रखने के लिए लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण और बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना जरूरी है.
प्रशासन के अनुसार, अप्रैल 2026 से एनएसएपी पेंशनधारियों को आधार ब्रिज पेमेंट के माध्यम से राशि भेजी जा रही है. ऐसे में जिन लाभार्थियों का बैंक खाता आधार से सीड नहीं है, उनके खाते में पेंशन ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है.
आधार सीडिंग नहीं होने से 41,348 की पेंशन रुकी
जिले में बैंक खाते की आधार सीडिंग नहीं होने के कारण कुल 41,348 पेंशनधारियों की पेंशन बंद हो चुकी है. इसमें बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग लाभार्थी भी शामिल हैं.
पेंशन की राशि नहीं मिलने से ऐसे लाभार्थियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाते की आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रुकी हुई पेंशन राशि को खाते में भेजा जा सकेगा.
पेंशन नहीं आ रही तो बैंक शाखा जाएं
सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अक्षय कुमार ने जिले के प्रभावित पेंशनधारियों से जल्द से जल्द अपने संबंधित बैंक शाखा में जाने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों, विधवाओं या दिव्यांगजनों की पेंशन पिछले कुछ महीनों से खाते में नहीं आ रही है, वे बैंक जाकर अपने खाते को आधार से सीड करा लें. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पेंशन भुगतान दोबारा शुरू कराने में मदद मिलेगी.
जीवन प्रमाणीकरण भी है जरूरी
नयी व्यवस्था के तहत केवल बैंक खाते की आधार सीडिंग ही नहीं, बल्कि पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण भी जरूरी है. इसलिए जिन लाभार्थियों की पेंशन रुकी हुई है, उन्हें दोनों स्तरों पर अपनी स्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए.
प्रशासन की अपील के बाद अब जिले के हजारों पेंशनधारियों के सामने अपने बैंक खाते की आधार सीडिंग कराने की जिम्मेदारी है, ताकि पेंशन भुगतान में आ रही रुकावट दूर हो सके.
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