Parvarish Yojana: मोतिहारी जिले में समाज कल्याण विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित 'परवरिश योजना' संकटग्रस्त और अनाथ बच्चों के लिए बड़ा संबल साबित हो रही है. इस योजना के तहत योग्य बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1,000 रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है. जिले में कुल 1,165 पंजीकृत लाभुकों में से 1,013 सक्रिय बच्चों को नियमित रूप से यह सहायता मिल रही है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ पा रहे हैं.
जानें किन बच्चों को मिलता है इस योजना का लाभ
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक अक्षय कुमार ने बताया कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बेसहारा बच्चा मदद से वंचित न रहे. इस कल्याणकारी योजना के तहत 0 से 18 वर्ष तक के निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चों को शामिल किया जाता है:
- ऐसे अनाथ बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है.
- एचआईवी/एड्स या 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता से जूझ रहे माता-पिता के बच्चे.
- जेल में बंद अभिभावकों के बच्चे.
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इच्छुक और पात्र लाभार्थी निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) या जिला बाल संरक्षण इकाई से मुफ्त फॉर्म प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट socialwelfare.bih.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है. आवेदन के लिए बच्चे का आधार कार्ड, माता-पिता का मृत्यु या बीमारी/जेल संबंधी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और बैंक खाता पासबुक होना आवश्यक है. पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन नियमित रूप से इसकी समीक्षा करता है ताकि 18 वर्ष की आयु तक बच्चों को निर्बाध मदद मिलती रहे.
