सरकारी अस्पतालों में मंगलवार से बहाल होगी ओपीडी सेवा, मरीजों को मिलेगा उपचार का लाभ

तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद चिकित्सक काम पर लौट आये हैं.

– तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद काम पर लौटे चिकित्सक मोतिहारी. तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद चिकित्सक काम पर लौट आये है. मंगलवार से सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बहाल होगी. जहां मरीजों को उपचार का लाभ मिल सकेगा. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भाषा) के आह्वान पर चिकित्सकों के द्वारा अपनी मांग के समर्थन में गत 27 से 29 मार्च तक कार्य बहिष्कार ऐलान किया गया था. इसकी समाप्ति के बाद चिकित्सक कार्य पर वापस लौट आये है. लेकिन 30 व 31 मार्च को रविवार व ईद की छुट्टी को लेकर ओपीडी सेवा ठप रही. जिला स्वास्थ्य प्रशासन की माने तो मंगलवार से सदर अस्पताल सहित सभी अनुमंडल रेफरल व पीएचसी में ओपीडी सेवा सुचारू रूप से बहाल होगी. यहां बताते चले कि सरकारी अस्पतालों में तीन दिन तक ओपीडी सेवा ठप रहने से मरीजों को खासा परेशानी झेलना पड़ा है. इस दौरान जानकारी के अभाव में ओपीडी में उपचार को पहुंचे मरीजों को बैरंग वापस होना पड़ा. वही मरीज उपचार के लिए निजी अस्पताल व क्लिनिक पर निर्भर रहे. जिले में एइएस को लेकर विशेष समति गठित, स्टेट की टीम ने लिया जायजा मोतिहारी. जिले में एइएस की तैयारी का जायजा लेने पटना से पहुंची दो सदस्यीय चिकित्सीय टीम ने सदर अस्पताल सहित जिले के मेहसी, चकिया,सदर अस्पताल, सुगौली के पीकू वार्ड का निरीक्षण किया. इस दौरान टीम में उपस्थित निदेशक प्रमुख राज्य स्वास्थ्य सेवा बिहार पटना डॉ आरएन चौधरी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार डॉ नरेंद्र कुमार सिंह, डॉ सुनील कुं सिंह, तेजेंद्र झा ने सीएस,डीआईओ, डीएस व चिकित्सकों से दवाओं की उपलब्धता, जांच, इलाज व व्यवस्थाओं की जानकारी ली. सिविल सर्जन डॉ रविभूषण श्रीवास्तव ने कहा कि स्टेट टीम के निरीक्षण में स्वास्थ्य संस्थानों के अधिकारियों ने दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करायी है. कहा कि स्टेट टीम के डॉक्टरों ने चिकित्सा स्टाफ को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिया है. कहा कि राज्य मुख्यालय के निर्देश पर जिले में एईएस को लेकर विशेष समिति का गठन किया गया है. बच्चों को रात में खाली पेट नही सुलाने की सलाह डीआईओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने कहा की स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से खासकर प्रभावित क्षेत्रों एवं महादलित टोलो में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. कहा की चमकी को धमकी देने के लिए तीन बातें बताई जाती है, की बच्चे को रात्रि में खाली पेट न सोने दें उसे खाना जरूर खिलाएं, हल्का मीठा जरूर खिलाए ताकि ग्लूकोज की मात्रा में कमी न हो, उसे रात के बीच में या सुबह में जगाएं देखे की बच्चा कहीं बेहोश तो नहीं है,अगर बच्चा बेहोश है तो तुरंत आशा से सम्पर्क कर एम्बुलेंस या निजी वाहन से अस्पताल ले जाएँ, समय व्यर्थ न करें. कहा कि इससे बचाव के लिए सभी सरकारी अस्पताल में नियमित टीकाकरण के साथ ही एईएस व जेई का टीकाकरण कराया जाता है.

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By DIGVIJAY SINGH

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