Motihari News: पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को एक सराहनीय पहल की गई. प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 28 टीबी मरीजों को जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने गोद लिया. सभी ने मरीजों को अगले छह महीने तक पौष्टिक राशन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया, ताकि इलाज के दौरान उन्हें बेहतर पोषण मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें.
100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), कोटवा के सहयोग से आयोजित किया गया. इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, पौष्टिक भोजन करने और डॉक्टरों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की सलाह दी गई.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, लेकिन मरीजों को बीच में दवा बंद नहीं करनी चाहिए. नियमित उपचार और संतुलित आहार से बीमारी पर आसानी से काबू पाया जा सकता है.
छह महीने तक मिलेगा पोषण राशन
कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रत्येक गोद लिए गए मरीज को अगले छह माह तक पौष्टिक राशन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया. इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को इलाज के साथ-साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी रिकवरी तेज हो सके.
अधिकारियों ने क्या कहा?
बीडीओ चिरंजीवी पांडेय ने कहा कि टीबी मरीजों को गोद लेकर छह माह तक पोषण सहायता देने की यह पहल बेहद सराहनीय है. समाज और प्रशासन की साझी भागीदारी से टीबी मुक्त भारत अभियान को और मजबूती मिलेगी.
वहीं पीएचसी प्रभारी डॉ. सचिन कुमार ने मरीजों से अपील की कि वे नियमित रूप से दवा लें और इलाज बीच में बिल्कुल न छोड़ें. इससे बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है.
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख एवं मुखिया प्रतिनिधि अवधेश सिंह, मुखिया लड्डू साह उर्फ ललन साह, राजू ठाकुर, नंदलाल साह, पप्पू कुमार यादव समेत कई जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्यकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.
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