मोतिहारी क्राइम: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और सामाजिक सद्भाव प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने का मामला सामने आया है. फेसबुक पर टिप्पणी और वीडियो पोस्ट किए जाने की शिकायत के बाद मोतिहारी साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. इस मामले में शिकायतकर्ता प्रियेश ने प्रांजल प्रिंस और प्रीति मिश्रा नाम से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन नामों से जुड़े फेसबुक अकाउंट से महात्मा गांधी के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और अशोभनीय सामग्री प्रसारित की गई. आवेदन में गांधीजी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने इससे सामाजिक सद्भाव प्रभावित होने की आशंका जताई है.
स्क्रीनशॉट, लिंक और वीडियो पुलिस को सौंपे
प्रियेश ने शिकायत के साथ संबंधित फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, पोस्ट का लिंक और वीडियो की कॉपी पुलिस को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराई है. आवेदन में कथित आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है.
पुलिस ने उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया है. मामले में साइबर पुलिस तकनीकी आधार पर पोस्ट और उससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है.
कांड संख्या 131/26 दर्ज, जांच शुरू
साइबर इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर साइबर थाना में कांड संख्या 131/26 दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है. पुलिस संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट के लिंक और वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है.
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित पोस्ट वास्तव में किसने अपलोड की, अकाउंट का संचालन कौन कर रहा था और सामग्री किस स्थान से पोस्ट की गई. साथ ही डिजिटल गतिविधियों और पोस्ट के प्रसार से जुड़े तकनीकी तथ्यों की भी जांच की जाएगी.
कब और कहां से अपलोड हुआ पोस्ट?
साइबर पुलिस जांच के दौरान यह भी पता लगाएगी कि कथित आपत्तिजनक सामग्री कब अपलोड की गई और सोशल मीडिया पर इसे कितने लोगों तक प्रसारित किया गया. पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है.
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