Motihari News: मोतिहारी नगर निगम की मासिक बोर्ड बैठक में शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. शनिवार को मेयर प्रीति कुमारी की अध्यक्षता में नगर सभा कक्ष में हुई बैठक में करीब 43 करोड़ रुपये की लागत वाली 78 विकास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. वहीं सफाई, स्ट्रीट लाइट, जलजमाव और पेयजल व्यवस्था में लापरवाही को लेकर एजेंसियों पर सख्ती के संकेत दिए गए.
43 करोड़ की 78 विकास योजनाओं को मिली मंजूरी
बोर्ड बैठक में शहरी क्षेत्र के विकास से जुड़ी 78 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. इन योजनाओं के जरिए शहर में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा.
नगर निगम की ओर से स्वीकृत योजनाओं में जल निकासी और सड़क से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है.
जलजमाव से निपटने के लिए बनेंगे सात मुख्य नाले
बैठक में शहर के जलजमाव की समस्या पर विशेष चर्चा हुई. मानसून के दौरान विभिन्न इलाकों में पानी जमा होने की समस्या को देखते हुए सात बड़े मुख्य नालों के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है.
नगर निगम का मानना है कि मुख्य नालों के निर्माण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था से बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव में कमी आएगी.
लापरवाह एजेंसियों का कांट्रैक्ट रद्द करने की चेतावनी
वार्ड पार्षदों ने शहर की साफ-सफाई और बंद पड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइटों को लेकर नाराजगी जताई. पार्षदों का आरोप था कि संबंधित एजेंसियां जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं कर रही हैं और कई शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
मामले पर नगर आयुक्त आशीष कुमार ने कहा कि संबंधित एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा गया है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो एजेंसी का कांट्रैक्ट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.
सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर पार्षदों ने उठाए सवाल
बैठक में पार्षदों ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें रखीं. उनका कहना था कि कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही है. स्ट्रीट लाइटों की खराबी को लेकर भी एजेंसी के रवैये पर सवाल उठाए गए.
पार्षदों ने कहा कि शिकायत के लिए फोन करने के बावजूद एजेंसी के प्रतिनिधियों की ओर से उचित जवाब नहीं दिया जाता है. नगर प्रशासन ने इस पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया.
खराब चापाकलों की तत्काल होगी मरम्मत
गर्मी और आगामी दिनों में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए बोर्ड ने सभी वार्डों में खराब और बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
नगर निगम का उद्देश्य वार्ड स्तर पर पेयजल की उपलब्धता को बेहतर बनाए रखना है, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़े.
नल-जल योजना के रखरखाव पर भी चर्चा
बैठक में हर घर नल-जल योजना को सुचारू रूप से संचालित करने और उसके बेहतर रखरखाव को लेकर भी चर्चा हुई. जलापूर्ति कनेक्शनों पर वाटर यूजर चार्ज लगाने की नीति पर सदन में विचार-विमर्श किया गया.
नगर निगम का कहना है कि नियमित रखरखाव और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी से योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है.
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