रिपोर्ट – सच्चिदानंद सत्यार्थी
Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और फर्जीवाड़े पर नकेल कसते हुए जिला कृषि विभाग ने बहुत सख्त कदम उठाया है. चकिया प्रखंड स्थित प्रसिद्ध खाद प्रतिष्ठान ‘मेसर्स हार्दिक कृषि केंद्र’ पर यूरिया की कालाबाजारी और सरकारी नियमों के घोर उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा दुकान का उर्वरक अनुज्ञाप्ति (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
औचक जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
कृषि विभाग की टीम द्वारा बीते 5 जून को उक्त प्रतिष्ठान की औचक जांच की गई थी. इस दौरान दुकान में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि दुकानदार द्वारा यूरिया की बिक्री के असली रिकॉर्ड को मुख्य वितरण पंजी (डिस्ट्रीब्यूशन रजिस्टर) में जानबूझकर छुपाया गया था. स्टॉक मिलान के दौरान 10 बोरा से अधिक यूरिया का कोई हिसाब-किताब नहीं मिला. जब विभाग ने उन किसानों का भौतिक सत्यापन करने की कोशिश की, जिन्हें खाद बेचना कागजों पर दर्शाया गया था, तो उनके दिए गए मोबाइल नंबर गलत या पूरी तरह बंद पाए गए. यह सीधे तौर पर फर्जीवाड़ा और ऊंचे दामों पर कालाबाजारी की ओर इशारा करता है.
यूरिया की सामान्य बिक्री पर रोक के बावजूद नियमों की उड़ाई धज्जियां
उल्लेखनीय है कि जिले में 22 मार्च 2026 से ही यूरिया की सामान्य बिक्री पर पूरी तरह रोक लागू है. वर्तमान नियमों के अनुसार, उर्वरक समन्वयकों की विशेष अनुशंसा और कूपन पर ही किसानों को खाद उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश है. इसके बावजूद ‘मेसर्स हार्दिक कृषि केंद्र’ ने सरकारी आदेशों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से चोरी-छिपे खाद बेची. जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने इसे ‘उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985’ का घोर उल्लंघन और दंडनीय अपराध बताया है.
थोक विक्रेताओं को आपूर्ति रोकने का आदेश, 24 घंटे में मांगा जवाब
कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान मालिक सुबोध कुमार यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे के भीतर अपना लिखित पक्ष रखने का निर्देश दिया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी. इसके साथ ही, जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे इस दुकान को किसी भी प्रकार की खाद की आपूर्ति तत्काल बंद कर दें. विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से जिले के खाद माफियाओं और कालाबाजारियों में हड़कंप मच गया है.
