मधुबन से शशि चंद्र तिवारी की रिपोर्ट
Motihari News: पूर्वी चंपारण के मधुबन इलाके में इस बार लीची का सीजन किसानों और व्यापारियों के लिए भारी संकट लेकर आया है. बेमौसम आंधी-पानी और तेज गर्मी ने लीची की फसल को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालत यह है कि पिछले साल करोड़ों का कारोबार करने वाले किसान और व्यापारी इस बार भारी नुकसान झेल रहे हैं.
आंधी-पानी ने उजाड़ दिए लीची के बाग
खोदातपुर, कोईलहरा, गड़हिया, वाजितपुर, सवंगिया, रूपनी, तालिमपुर, भेलवा और कृष्णानगर दुलमा समेत कई पंचायतों के बागानों में पहले तेज गर्मी से फल खराब हुए, फिर आंधी-पानी ने बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचा दिया. अब बागों में पहले जैसी रौनक नजर नहीं आ रही है.
19.5 करोड़ से 15 लाख पर पहुंचा कारोबार
पिछले साल मधुबन क्षेत्र में करीब 19.5 करोड़ रुपये का लीची कारोबार हुआ था. यहां से बड़े ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए देशभर में लीची भेजी गई थी. लेकिन इस बार हालात इतने खराब हैं कि व्यापारियों को 15 लाख रुपये का कारोबार भी मुश्किल लग रहा है.
बाजार में महंगी हुई लीची
उत्पादन घटने का असर बाजार पर भी साफ दिख रहा है. खुदरा बाजार में लीची 300 रुपये प्रति सैकड़ा बिक रही है. कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.
किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी
व्यापारियों और किसानों ने बताया कि इस बार सिंचाई और बागों की देखरेख में लगाया गया पैसा भी डूब गया. कई व्यापारियों ने पहले ही अग्रिम भुगतान कर दिया था, लेकिन फसल खराब होने से उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ रहा है. किसानों की सालभर की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है.
