मोतिहारी से इन्तेजारुल हक की रिपोर्ट
Motihari News: बिहार फुटबॉल एसोसिएशन (BFA) ने एक अहम और कड़ा फैसला लेते हुए पूर्वी चंपारण जिला फुटबॉल संघ के सचिव प्रभाकर जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई BFA की अनुशासन समिति (Discipline Committee) द्वारा की गई गहन जांच और उनके निर्णय के आलोक में की गई है.
प्रभाकर जायसवाल पर संघ विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं.
1. क्या हैं प्रभाकर जायसवाल पर प्रमुख आरोप?
बिहार फुटबॉल संघ के सचिव सैयद इम्तियाज़ हुसैन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जायसवाल पर निम्नलिखित आरोप साबित हुए हैं:
- फर्जी पदनाम का इस्तेमाल: बिहार फुटबॉल संघ का उपाध्यक्ष न होते हुए भी उन्होंने आधिकारिक पत्राचार में खुद को ‘उपाध्यक्ष’ बताया.
- लेटरपैड का दुरुपयोग: जायसवाल ने अनधिकृत रूप से बिहार फुटबॉल संघ के लेटरहेड और लिफाफे का इस्तेमाल किया.
- गुमराह करने का प्रयास: खुद को उपाध्यक्ष बताकर उन्होंने राज्य के अन्य सभी जिला सचिवों को गलत सुझाव दिए और भ्रामक पत्र लिखे.
- अवैध मीटिंग बुलाना: नियमों के खिलाफ जाकर ‘एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल बॉडी मीटिंग’ बुलाने का प्रयास किया, जबकि किसी भी जिला सचिव को ऐसा करने का अधिकार नहीं है.
2. अनुशासन समिति की जांच और स्पष्टीकरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए BFA सचिव ने इसे अनुशासन समिति को सौंप दिया था. समिति ने जायसवाल से स्पष्टीकरण मांगा, जिसका जवाब बेहद असंतोषजनक पाया गया.
- झूठ का खुलासा: जायसवाल ने अपने जवाब में कहा कि वह उपाध्यक्ष के रूप में मीटिंग नहीं बुला रहे हैं. लेकिन जांच में सामने आया कि 1 मई 2026 को जारी किए गए एक पत्र में नीचे स्पष्ट रूप से उनका नाम ‘प्रभाकर जायसवाल, पद- उपाध्यक्ष, बिहार फुटबॉल एसोसिएशन’ लिखा हुआ था और उस पर उनके हस्ताक्षर भी थे.
- अध्यक्ष के इस्तीफे की अनदेखी: जायसवाल ने अपने पत्राचार में इस तथ्य की भी अनदेखी की कि BFA के अध्यक्ष पहले ही 20 अप्रैल 2026 को खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं.
इन सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर समिति ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
3. 22 वर्षों से सचिव पद पर थे काबिज
प्रभाकर जायसवाल का पूर्वी चंपारण में फुटबॉल को बढ़ावा देने में एक लंबा इतिहास रहा है.
- वह वर्ष 2004 से पूर्वी चंपारण फुटबॉल संघ के सचिव पद पर कार्यरत थे और उन्हीं की देखरेख में 2005 में इस जिला इकाई को BFA से मान्यता मिली थी.
- उन्होंने मोतिहारी में कई बड़े खेल आयोजनों में प्रमुख भूमिका निभाई थी, जिनमें लंबोदर मुखर्जी स्पोर्ट्स क्लब फुटबॉल टूर्नामेंट, मध्य क्षेत्र व इंडिया गोल्ड कप, राष्ट्रीय महिला फुटबॉल और शहीद अरविंद पांडेय एकदिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट (पुरुष व महिला वर्ग) शामिल हैं.
