किसानों को सही दाम पर मिले यूरिया, कृषि टास्क फोर्स की बैठक में डीएम का फरमान

Motihari News: पूर्वी चंपारण के डीएम सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में हुई कृषि टास्क फोर्स की बैठक में खाद की कालाबाजारी रोकने, पर्याप्त यूरिया-डीएपी स्टॉक बनाए रखने और फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए.

मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट

Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले के किसानों को खरीफ सीजन में खाद की किल्लत और ऊंचे दामों से बचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. मोतिहारी में जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स एवं जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करने के साथ-साथ खरीफ मौसम 2026 के लिए जिले में उर्वरकों (खाद) की वर्तमान आवश्यकता एवं वास्तविक उपलब्धता पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई.

जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद का स्टॉक

समीक्षा बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह ने जिले में खाद के स्टॉक की रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि पूर्वी चम्पारण जिले के किसानों के लिए वर्तमान में 17,653.176 मीट्रिक टन यूरिया, 7,192.975 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2,080.465 मीट्रिक टन एमओपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. जिला कृषि पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप जिले के तमाम किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है.

खुदरा विक्रेताओं को तय दाम पर दें खाद : डीएम

बैठक में मौजूद जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें और निर्धारित सरकारी मूल्य पर ही स्थानीय खुदरा विक्रेताओं को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. इससे ग्रामीण स्तर पर आम किसानों को समय पर खाद प्राप्त हो सकेगी.

जिलाधिकारी की चेतावनी

यदि किसी भी एजेंसी द्वारा उर्वरक की कृत्रिम किल्लत पैदा करने, कालाबाजारी करने या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित थोक उर्वरक विक्रेता को तुरंत चिन्हित करते हुए उसके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”

लापरवाह कृषि अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने सिर्फ व्यापारियों को ही नहीं, बल्कि अधिकारियों को भी पूरी मुस्तैदी से फील्ड में उतरने का आदेश दिया. उन्होंने सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें और दुकानों पर सतत निगरानी रखें.

फार्मर आईडी बनाने पर जोर

इसके साथ ही, बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के सभी किसानों का ‘फार्मर आईडी’ युद्धस्तर पर शीघ्र तैयार कराने पर विशेष बल दिया. उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी बन जाने से भविष्य में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे प्रत्येक पात्र किसान के बैंक खाते और उन तक पारदर्शी रूप से पहुँचाया जा सकेगा, जिससे कोई भी जरूरतमंद किसान सरकारी लाभ से वंचित नहीं रहेगा.

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह के अलावा सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण), सहायक निदेशक (उद्यान), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक निदेशक (गन्ना विभाग), सभी अनुमंडल व प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा जिले के कोने-कोने से आए थोक उर्वरक विक्रेता मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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Published by: Purushottam Kumar

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