Motihari News: पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल शनिवार सुबह अचानक लखौरा स्थित श्री रामदवन विभीषण उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय (आदर्श विद्यालय) जा पहुँचे. सुबह 10 बजे जब डीएम औचक निरीक्षण के लिए विद्यालय परिसर में दाखिल हुए, तो हड़कंप मच गया. लेकिन निरीक्षण के दौरान डीएम का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जहाँ वे एक प्रशासनिक अधिकारी की जगह एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए.
डीएम को शिक्षक के रूप में देख खिले बच्चों के चेहरे
जिलाधिकारी सीधे क्लासरूम में दाखिल हुए और बच्चों से रूबरू हुए. पहले तो बच्चे डीएम को देखकर थोड़े घबराए, लेकिन जब उन्होंने शिक्षक की तरह बच्चों से संवाद शुरू किया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. डीएम ने न केवल बच्चों को पढ़ाया, बल्कि उनसे सामान्य ज्ञान के कई प्रश्न भी पूछे. इस दौरान बच्चों ने भी बेझिझक होकर डीएम से कई सवाल दागे, जिनका उन्होंने बड़ी आत्मीयता से जवाब दिया.
स्मार्ट क्लास और लाइब्रेरी का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर क्लास, लाइब्रेरी और जिम की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और बच्चों की ड्रेस कोड में उपस्थिति की सराहना की. डीएम ने क्लासरूम में मौजूद शिक्षकों से वर्तमान में पढ़ाए जा रहे पाठ की जानकारी ली और निर्देश दिया कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए.
शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर
डीएम सौरभ जोरवाल ने शिक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील रहने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता है. विद्यालय में बच्चों के बीच डीएम के इस मिलनसार अंदाज की हर तरफ चर्चा हो रही है.
मोतिहारी से सच्चिदानंद सत्यार्थी की रिपोर्ट
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