मोतिहारी बंजरिया से राज निखिल का रिपोर्ट
Motihari News: बंजरिया और आसपास के इलाकों में मंगलवार की आधी रात मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोग सहम गए. तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी. रात करीब दो बजे आए तूफान के बाद सुबह तक जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा. कई जगह पेड़ गिर गए, घरों के छप्पर उड़ गए और बिजली व्यवस्था ठप हो गई. लोग पूरी रात डर और दहशत में गुजारने को मजबूर रहे.
सड़कों पर गिरे पेड़, आवागमन बाधित
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि मोतिहारी, बंजरिया और ग्रामीण इलाकों की कई सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और डालियां टूटकर गिर गईं. इससे मुख्य और संपर्क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो गई. सुबह से ही राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मिलकर सड़कों को साफ कराने में जुटे रहे.
गरीब परिवारों के घरों को सबसे ज्यादा नुकसान
तूफान का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ा. तेज हवा के कारण कई घरों के टीन और एल्बेस्टर की छत उड़ गई. कई परिवार रात में खुले आसमान के नीचे आ गए. घरों में रखा सामान बारिश के पानी से भीगकर खराब हो गया.
फसलों और बागानों को भी भारी क्षति की आशंका
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है. आम और लीची के बागानों के साथ-साथ खेतों में तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द सर्वे नहीं कराएगा तो भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.
रात दो बजे से ठप है बिजली आपूर्ति
आंधी के दौरान कई जगह बिजली के तार टूट गए और पोल क्षतिग्रस्त हो गए. इसके बाद रात दो बजे से ही बंजरिया और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई. बिजली नहीं रहने से लोगों को पेयजल संकट और उमस का सामना करना पड़ा. बिजली विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी हुई है, लेकिन पूरी व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है.
लोगों ने मांगी प्रशासन से मदद
स्थानीय लोगों ने बताया कि तूफान इतना भयावह था कि लोग पूरी रात घरों में दुबके रहे. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही सड़क और बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल करने की अपील की है.
