मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
Motihari News: साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिसकर्मियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं. मोतिहारी में एसपी कार्यालय में कार्यरत एक सिपाही से रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने के नाम पर 2 लाख 91 हजार 685 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये की निकासी कर ली.
पीड़ित सिपाही रंजन कुमार यादव ने साइबर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को क्रेडिट कार्ड विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके कार्ड में जमा रिवॉर्ड प्वाइंट की वैधता समाप्त होने वाली है.
व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हुआ हैक
ठग ने रिवॉर्ड प्वाइंट का लाभ दिलाने के बहाने सिपाही के व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और उसे खोलने के लिए कहा. जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, मोबाइल का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथों में चला गया. कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से लगातार पैसे कटने के संदेश आने लगे. खाते की जांच करने पर पता चला कि एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से कुल 2 लाख 91 हजार 685 रुपये की निकासी हो चुकी है.
1930 पर शिकायत के बाद दर्ज कराई प्राथमिकी
ठगी का एहसास होते ही रंजन कुमार यादव ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उन्होंने साइबर थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया.
आवेदन में उन्होंने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप नंबर की भी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई है.
तकनीकी जांच में जुटी साइबर पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. तकनीकी टीम मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप अकाउंट और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच कर साइबर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है. साइबर थाना इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है और जल्द ही अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि रिवॉर्ड प्वाइंट, केवाईसी अपडेट, बैंक वेरिफिकेशन या लॉटरी के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें. किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना को दें.
