मोतिहारी से सुजीत पाठक की रिपोर्ट
Motihari ASHA Protest: लंबित मानदेय भुगतान को लेकर मंगलवार को मोतिहारी सदर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने एक दिवसीय हड़ताल कर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बकाया मानदेय के शीघ्र भुगतान की मांग की.
10 महीने से नहीं मिला मानदेय
आशा फैसिलिटेटर रूपा खातून ने बताया कि पिछले करीब 9 से 10 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. इससे आशा कार्यकर्ताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें उनके श्रम का उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है.
सरकार के दावों पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मानदेय जारी करने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी आशा कार्यकर्ता के खाते में राशि नहीं पहुंची है. कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.
स्वास्थ्य सेवाओं में निभा रही हैं अहम भूमिका
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगस्त माह के बाद से उनके खातों में मानदेय की राशि नहीं आई है. इसके बावजूद वे नियमित रूप से टीकाकरण अभियान, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रम और अन्य सरकारी योजनाओं में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं.
परिवारों पर पड़ा आर्थिक संकट
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि लगातार 10 माह से भुगतान नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने बकाया भुगतान के साथ आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी उठाई.
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि “अगर पैसा नहीं, तो काम नहीं.” उनका कहना है कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी.
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर
हड़ताल के कारण सदर पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं पर आंशिक असर देखने को मिला. आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की.
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