मानसून की पहली दस्तक से ही जलजमाव का संकट, सड़कें बनीं तालाब, लोग घरों में कैद

मधुबन में मानसून की दस्तक के साथ ही जलजमाव से सड़कें तालाब बन गई हैं। नाला जाम और अतिक्रमण के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। जानें पूरी खबर।

 Madhuban Waterlogging Crisis: मानसून की शुरुआती दस्तक के साथ ही प्रखंड क्षेत्र में जलजमाव की समस्या बेहद गंभीर होती जा रही है. गांव से लेकर मुख्य बाजार तक की महत्वपूर्ण सड़कें गंदे पानी में पूरी तरह डूब चुकी हैं, जिससे आम लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है. अभी तो मानसून पूरी तरह से सक्रिय भी नहीं हुआ है, लेकिन कई प्रमुख स्थानों पर जल निकासी के लिए नाली की कमी, नाला जाम होने और व्यापक अतिक्रमण के कारण हालात बदतर हो चुके हैं.

सड़कों पर 300 मीटर तक भरा पानी, गड्ढों में तब्दील हुए रास्ते

मधुबन-तेतरिया मुख्य रोड पर वाजितपुर गांव के समीप हुए भारी जलजमाव से राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं वाजितपुर-सिरौली पथ पर नाला जाम होने से करीब 300 मीटर तक सड़क गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है. इसके अलावा पुंदर-दुबहां पथ पर कौड़िया मोड़ से पुंदर चौक तक की सड़क पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है, जहां जलभराव ने विकराल रूप धारण कर लिया है. कृष्णानगर गांव में भी जलभराव के कारण स्थानीय लोगों के हालात पूरी तरह नारकीय बने हुए हैं.

अस्पताल में जमा हुआ गंदा पानी, प्रशासन की लापरवाही से बढ़ी दुर्गंध

प्रखंड मुख्यालय स्थित मलंग चौक से गांधीनगर चौक तक की सड़क बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण किसी बड़े नाले का रूप ले चुकी है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस व्यस्त मार्ग पर नाला निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति काफी पहले मिल चुकी है, लेकिन धरातल पर कार्य शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी जस की तस बनी हुई है. मलंग चौक और स्थानीय अस्पताल परिसर के मुख्यद्वार के पास भी गंदा पानी जमा होने से चारों तरफ भयंकर दुर्गंध फैल रही है, जिससे मरीजों को भी दिक्कत हो रही है.

अतिक्रमण और बंद जलस्रोत बने बड़ी वजह, कार्रवाई की मांग

स्थानीय प्रबुद्ध लोगों के अनुसार सड़कों के आसपास किए गए अवैध अतिक्रमण और पुराने प्राकृतिक जलस्रोतों के बंद होने से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. वाजितपुर पंचायत के मुखिया विजय कुमार ने बताया कि सिरौली पथ पर बने सरकारी नाले को कुछ असामाजिक लोगों द्वारा निजी स्वार्थ में अवरुद्ध कर दिया गया है. इसके कारण नाले का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. ग्रामीणों ने इसकी लिखित शिकायत ब्लॉक प्रशासन से करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है.


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लेखक के बारे में

By Shashi chandra tiwary

शशि चंद्र तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं. साल 2009 में सन्मार्ग हिंदी दैनिक से पत्रकारिता की शुरुआत की और 2011 से लगातार प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वर्तमान में वह पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन से प्रभात खबर के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. समसामयिक, अपराध, राजनीति, प्रशासनिक गतिविधि और कृषि जैसे विषयों की पत्रकारिता में विशेष रुचि है.

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