मधुबन जीविका निधि के माध्यम से महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से ऋण उपलब्ध कराने में मधुबन प्रखंड ने पूरे पूर्वी चंपारण जिले में पहला स्थान हासिल किया है. प्रखंड में अब तक 35 महिला उद्यमियों के लिए व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत किया गया है. इनमें 34 महिलाओं के खाते में कुल 18 लाख 5 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है. वहीं, एक महिला के खाते में तकनीकी गड़बड़ी के कारण राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी है.
जिले में 74.30 लाख रुपये का ऋण वितरित
पूर्वी चंपारण के 27 प्रखंडों में अब तक जीविका निधि के तहत कुल 74 लाख 30 हजार रुपये का व्यक्तिगत ऋण वितरित किया गया है. इसमें अकेले मधुबन प्रखंड में 18 लाख 5 हजार रुपये की राशि महिलाओं को उपलब्ध करायी गयी है.
जिले के दूसरे प्रखंडों की तुलना में मधुबन का ऋण वितरण काफी अधिक है. इसी वजह से व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराने के मामले में मधुबन ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है.
50 हजार से एक लाख रुपये तक मिल रहा ऋण
जीविका समूह से जुड़ी दीदियों को उनकी जरूरत और उद्यम के अनुसार 50 हजार से एक लाख रुपये तक का व्यक्तिगत ऋण दिया जा रहा है. पहले जीविका से जुड़ी महिलाओं को मुख्य रूप से समूह के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता था.
अब व्यक्तिगत जरूरतों और रोजगार से जुड़े काम को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को सीधे व्यक्तिगत ऋण देने की व्यवस्था की गयी है. इससे महिलाएं अपने स्तर पर छोटा कारोबार या अन्य रोजगार शुरू करने के लिए राशि का इस्तेमाल कर सकती हैं.
34 महिलाओं के खाते में पहुंची राशि
मधुबन प्रखंड में अब तक 35 महिला उद्यमियों का व्यक्तिगत ऋण स्वीकृत हुआ है. इनमें से 34 महिलाओं के बैंक खातों में कुल 18 लाख 5 हजार रुपये पहुंच चुके हैं. एक लाभुक के खाते में तकनीकी समस्या के कारण राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी है.
अधिकारियों के अनुसार, व्यक्तिगत ऋण की सुविधा से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को अपने रोजगार से जुड़े फैसले लेने और आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में मदद मिलेगी.
रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने का मौका
जीविका के बीपीएम आकाश कुमार ने बताया कि फिलहाल मधुबन प्रखंड की 34 जीविका दीदियों को व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत ऋण मिलने से महिलाएं अपने स्तर पर रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी.
बीपीएम ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है. व्यक्तिगत ऋण की सुविधा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
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