Motihari: सामान्य जीवन के अनुभवों से सीखिए शोध करना: डॉ सरोज रंजन

सातवें दिन के पहले और दूसरे तकनीकी सत्र में प्रबंधन विभाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के डॉ सरोज रंजन ने शोध से संबंधित नैतिक मुद्दों पर चर्चा की.

मोतिहारी. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय शोध प्रविधि कार्यशाला में शोध कार्य के दौरान आने वाले नैतिक मुद्दों पर केंद्रित सत्र का आयोजन हुआ. सातवें दिन के पहले और दूसरे तकनीकी सत्र में प्रबंधन विभाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के डॉ सरोज रंजन ने शोध से संबंधित नैतिक मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि, किसी विषय पर शोध करते समय हमारे पास बहुत से ऐसे नैतिक मुद्दे आते हैं जिनका हमें ध्यान रखना होता है. इसके अलावा उन्होंने शोध की पूरी प्रक्रिया को वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़कर समझाया. तीसरे तकनीकी सत्र में भौतिकी विभाग के डॉ संतोष कुमार त्रिपाठी ने शोध में सूचित सहमति की आवश्यकता पर बल देते हुए शोध के नैतिक पहलुओं पर चर्चा की. कार्यशाला का संचालन विभाग में सहायक आचार्य और सह निदेशक डॉ सुनील दीपक घोड़के ने किया. विभागाध्यक्ष और कार्यशाला के निदेशक डॉ अंजनी कुमार झा ने सभी वक्ताओं तथा अतिथियों का अभिवादन व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यशाला में विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ परमात्मा कुमार मिश्र, डॉ साकेत रमण, डॉ. उमा यादव, डॉ. मंयक भारद्वाज और डॉ. आयुष आनंद सहित अन्य शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

RANJEET THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >