लालू यादव हो चुके हैं राजनीतिक रूप से नजरबंद, जदयू एमएलसी ने किया बड़ा दावा

Lalu Yadav : जदयू नेता ने कहा है कि बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव को राजनितिक रूप से हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. लोगों को उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा है.

Lalu Yadav : जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने मोतिहारी में राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव को राजनीतिक रूप से नजरबंद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उन्हें न बोलने की आज़ादी है न घूमने की. उन्हें राजनीतिक रूप से नजरबंद कर दिया गया है. आगामी 16 जनवरी को मोतिहारी के गांधी मैदान में एनडीए नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है. अगले विधानसभा चुनाव को लेकर यहां एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इसी को लेकर एनडीए गठबंधन के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें सभी दल के प्रवक्ता मौजूद थे.

तेजस्वी यादव को बताया राजकुमार

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने तेजस्वी यादव को ‘राजकुमार’ बताते हुए कहा कि उन्हें श्रेय लेने का शौक हो गया है, इसलिए वे मुख्यमंत्री के सभी कार्यों का श्रेय लेने में लगे हैं. वे कहते हैं उन्होंने ही सुशासन स्थापित किया, उन्होंने ही बिहार में नौकरी भी दी. ऐसे में उन्हें चरवाहा विद्यालय का भी श्रेय लेना चाहिए और उसका फलाफल भी उनको बताना चाहिए. उन्होंने तेजस्वी यादव पर नजर दोष लगने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारा तो विकास बोलता है.

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लालू यादव को लोगों से मिलने पर लगा दी है पाबंदी

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव को राजनीतिक रूप से नजरबंद कर लिया गया है. उनको लोगों से मिलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है. पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की कार्यकर्ता दर्शन और संवाद यात्रा को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि वे अभी टिकट के लिए ग्राहक खोजने निकले हैं. वे उम्मीदवार खोजने के लिए निकले हैं. उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूर्व मंत्री आलोक मेहता के ठिकानों पर की गई छापेमारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि घोटाले का इतना शौक है कि वैशाली, जो लोकतंत्र की जननी रही है, वहां भी घोटाला. आखिर चुनाव जीतने के लिए कितना पैसा चाहिए.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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