विश्व में अशांति व युद्ध समाप्त करने के लिए गांधी के आदर्श अपनाना जरूरी : कुमार विश्वास

महात्मा गांधी के विचारों को जीवन में उतारना कठिन ही नहीं, दुरूह कार्य है. लेकिन जिसने उनके आदर्श को जीवन में उतार लिया, उसे सही दिशा में सफलता मिलनी तय है.

मोतिहारी.महात्मा गांधी के विचारों को जीवन में उतारना कठिन ही नहीं, दुरूह कार्य है. लेकिन जिसने उनके आदर्श को जीवन में उतार लिया, उसे सही दिशा में सफलता मिलनी तय है. गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन का गवाह बना चंपारण आज भारत ही नहीं, विश्व में चर्चित है. आज विश्व में युद्ध व अशांति की जो स्थिति है, वह महात्मा गांधी के विचार रूपी प्रकाश से ही समाप्त हो सकती है. उनके विचार को अगर सभी देश अपनाएं, तो चहुंओर शांति फैलेगी.

कुमार विश्वास अधिवक्ता रमाकांत पांडेय के पुत्र प्रो अनुपम के शादी समारोह में शिरकत करने मोतिहारी आये थे. बातचीत के दौरान उन्होंने गांधी के आदर्शों को देश ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी दौलत व आदर्श बताया. उन्होंने कहा कि गुलाम भारत में शक्ति का संचार गांधी के सिद्धांत से हुआ, तब जाकर आजादी का मार्ग प्रशस्त हुआ. जिसने गांधी जी की बात मानी उसे फायदा हुआ, जिन्होंने गांधी की बात नहीं मानी, उन्हें नुकसान हुआ.

कमार विश्वास ने कहा कि चंपारण ही नहीं, देश में युवाओं को गांधी के आदर्शों व चंपारण की अहिंसा रूपी उर्वर मिट्टी से संदेश लेना चाहिए, तभी परदेश व देश को सही दिशा के साथ मजबूती मिलेगी. उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने गांधी को पहली बार चंपारण में ही देखा था, जहां गांधी जी कोर्ट में अपना बयान दर्ज कर रहे थे. चंपारण के लोग व चंपारण सचमुच पूज्य है. यहां की मिट्टी भी अहिंसा के संदेश हमेशा बिखेरती रहती है. चंपारण की धरती एक और मायने में महत्वपूर्ण है, यहां विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार जॉर्ज ऑरवेल का जन्म हुआ.

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By Prabhat Khabar News Desk

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