मोतिहारी के आसमान में गरजेगा वायु सेना का ''सूर्यकिरण", 9 हॉक विमान दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब

भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 25 सितंबर को मोतिहारी में अपना रोमांचक हवाई प्रदर्शन करने आ रही है. नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ यह एयर शो अभूतपूर्व करतबों और तिरंगे के रंगों से सजे आसमान का नज़ारा पेश करेगा.

मोतिहारी हवाई प्रदर्शन: भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 25 सितंबर को मोतिहारी के आसमान में रोमांचक हवाई प्रदर्शन करने जा रही है. नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ होने वाले इस एयर शो में लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्युवर जैसे जटिल करतब देखने को मिलेंगे. विमानों की सटीक फॉर्मेशन और आसमान में तिरंगे के रंगों वाली धुएं की लकीरें इस प्रदर्शन का खास आकर्षण होंगी.

नए विन्यास और पांच नए पायलटों के साथ आएगी टीम

वर्ष 2026 के प्रशिक्षण सत्र को पूरा करने के बाद सूर्यकिरण टीम नए विन्यास के साथ अलग-अलग स्थानों पर हवाई प्रदर्शन कर रही है. इस साल टीम में पांच नए पायलट शामिल किए गए हैं. ये अनुभवी पायलटों के साथ मिलकर एरोबैटिक प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का गठन 1996 में हुआ था. यह एशिया की नौ विमानों वाली एरोबैटिक टीम के तौर पर जानी जाती है. टीम अब तक भारत और विदेशों में 800 से अधिक एयर शो कर चुकी है.

नौ हॉक एमके-132 विमान दिखाएंगे करतब

आसमान में करतब दिखाते 9 हॉक विमान | सोर्स- प्रभात खबर

मोतिहारी एयर शो में लाल और सफेद रंग के नौ हॉक एमके-132 विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा. इन विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा लाइसेंस के तहत भारत में किया जाता है.

हालिया एयर शो में सूर्यकिरण टीम ने हॉक एमके-132 विमानों से लूप, बैरल रोल, इनवर्टेड फ्लाइंग और प्रतिष्ठित डीएनए मैन्युवर का प्रदर्शन किया है.

पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ान

सूर्यकिरण के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत विमानों की बेहद करीबी फॉर्मेशन उड़ान है. कुछ जटिल मैन्युवर्स के दौरान विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रह जाती है. इतनी कम दूरी पर तेज गति से उड़ान के लिए पायलटों के बीच बेहतर तालमेल, प्रशिक्षण और भरोसा जरूरी होता है.

आसमान में दिखेगा तिरंगे का रंग

आसमान में तिरंगा कलर से अगल-अलग आकृतियां बनाता हॉक विमान | सोर्स- प्रभात खबर

एयर शो के दौरान हॉक एमके-132 विमानों से केसरिया, सफेद और हरे रंग का धुआं भी छोड़ा जाएगा. इसके लिए स्वदेशी तकनीक से तैयार रंगीन स्मोक पॉड्स का इस्तेमाल किया गया है. भारतीय वायु सेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विकसित इस तकनीक के जरिए आसमान में तिरंगे के रंगों का प्रभाव बनाया जाता है.

युवाओं को वायु सेना से जोड़ने का भी संदेश

सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को भारतीय वायु सेना के ‘Ambassadors of the Indian Air Force’ के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है. टीम के एयर शो का उद्देश्य केवल हवाई कौशल का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि युवाओं को सशस्त्र बलों में करियर के लिए प्रेरित करना भी है. हालिया एयर शो के दौरान टीम ने डिफेंस की तैयारी करने वाले युवाओं से भी बातचीत की थी. 

मोतिहारी में होने वाले इस प्रदर्शन का स्थानीय स्तर पर भी खास आकर्षण है. टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी बताए गए हैं. वहीं, टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी कर रहे हैं.

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By Intejarul Haq

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