मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Motihari News: पूर्वी चंपारण जिले में आईसीडीएस विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल के आदेश पर विभाग के 138 कर्मियों का विभिन्न प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालयों में स्थानांतरण किया गया है.
स्थानांतरित कर्मियों में 82 महिला पर्यवेक्षिका, 21 प्रखंड समन्वयक (बीसी-एनएनएम), 11 सांख्यिकी सहायक एवं लिपिक तथा 24 डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं कार्यपालक सहायक शामिल हैं. जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरित कर्मियों को 18 जून तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना होगा. जुलाई 2026 का वेतन एवं अन्य देयकों का भुगतान नव पदस्थापित कार्यालय से किया जाएगा.
लंबे समय से जमे कर्मियों पर चली तबादले की गाज
आईसीडीएस विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कई बीसी (एनएनएम) का भी स्थानांतरण किया गया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार वर्षों से लंबित इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
28 परियोजनाओं के लिए मात्र 11 लिपिक
स्थानांतरण सूची से विभाग में कर्मियों की कमी भी उजागर हुई है. जिले के 28 बाल विकास परियोजना कार्यालयों के लिए केवल 11 सांख्यिकी सहायक एवं लिपिक कार्यरत हैं. कर्मियों की कमी के कारण अधिकांश लिपिकों को एक के साथ दूसरे परियोजना कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.
अनमोल कुमार को हरसिद्धि के साथ अरेराज, मनीला कुमारी को पीपराकोठी के साथ मोतिहारी सदर, मिंटू कुमार को ढाका के साथ घोड़ासहन, राजीव कुमार को आदापुर के साथ रामगढ़वा, ब्रजेश कुमार शर्मा को पकड़ीदयाल के साथ मधुबन तथा एमडी वलुर रहमान को चकिया के साथ पताही का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
इसके अलावा अजय कुमार यादव को बंजरिया के साथ छौड़ादानों, सौरभ कुमार को कल्याणपुर के साथ केसरिया, सुरेश कुमार को डीपीओ कार्यालय के साथ मोतिहारी ग्रामीण तथा रवि रंजन कुमार को चिरैया के साथ डीपीओ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वहीं राज कुमार का स्थानांतरण केसरिया से मेहसी किया गया है.
कुछ पोस्टिंग बनी चर्चा का विषय
स्थानांतरण सूची में कुछ पदस्थापन विभागीय हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं. मनीला कुमारी को पीपराकोठी के साथ मोतिहारी सदर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि मोतिहारी सदर में कार्यरत रवि रंजन कुमार को चिरैया और अतिरिक्त रूप से जिला आईसीडीएस कार्यालय का प्रभार सौंपा गया है.
विभागीय कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि कई कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होने के बावजूद अलग-अलग प्रकार की पदस्थापन व्यवस्था की गई है. वहीं कई कर्मियों को दो-दो परियोजनाओं की जिम्मेदारी मिलने से कार्यभार बढ़ने की भी चर्चा है.
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
आईसीडीएस विभाग में लंबे समय बाद हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्थानांतरण के बाद विभागीय कार्यों में कितना सुधार आता है.
