केसरिया: गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रखंड के प्रसिद्ध धवल पीठ मठ, ढेकहां में बुधवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठ पहुंचे और संतों की समाधि पर पूजा-अर्चना कर गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की. पूरे दिन मठ परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा.
300 वर्ष पुरानी पगड़ी के हुए दुर्लभ दर्शन
मठ के पुजारी प्रमोद दास ने श्रद्धालुओं को संत कर्ता बाबा की करीब 300 वर्ष पुरानी पगड़ी का दुर्लभ दर्शन कराया. इसके साथ ही संत गिरधारी बाबा का गिलास और अन्य ऐतिहासिक धार्मिक स्मृति-चिह्न भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित किए गए. इन दुर्लभ धरोहरों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया.
भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान मठ परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने गुरु वंदना और भक्ति गीतों में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया. पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के महत्व और संतों के आदर्शों को याद किया.
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
कार्यक्रम में मठ समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही. इस अवसर पर अध्यक्ष प्रफुल्ल कुंवर, मठ महंत शत्रुघ्न दास, कुंदन पाठक, रोहित पाठक, आचार्य बलिराम जी पांडेय, कन्हैया पांडेय, नंदकिशोर पांडेय, सुमन यादव, अशोक पांडेय, प्रकाश यादव, प्रकाश ठाकुर, अखिलानंद उर्फ लड्डू, कैलाशपति कुंवर, अग्निश कुमार पांडेय, रजनीश कुमार पांडेय, आकाश कुमार, मंजित सिंह, राजा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
गुरु-शिष्य परंपरा का दिया संदेश
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है. गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति सम्मान, समर्पण और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश देता है. श्रद्धालुओं ने संतों का आशीर्वाद लेकर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.
