हरसिद्धि में नई उर्वरक व्यवस्था से किसान परेशान, पर्याप्त खाद नहीं मिलने से बढ़ी चिंता

हरसिद्धि प्रखंड के किसान खरीफ और गन्ना फसल की तैयारी के लिए रासायनिक उर्वरक प्राप्त करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं. नई सरकारी व्यवस्था के तहत, किसान आईडी और कृषि सलाहकार की अनुमति के बिना यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसी आवश्यक खादें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.

Motihari News: खरीफ एवं गन्ना फसल की तैयारी में जुटे हरसिद्धि प्रखंड के किसानों को इन दिनों रासायनिक उर्वरक प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि कृषि सलाहकार की अनुमति के बिना यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसी आवश्यक खाद नहीं मिल रही है. बिहार सरकार की नई व्यवस्था के तहत किसान आईडी और भूमि रिकॉर्ड के अनुसार ही उर्वरक वितरण किया जा रहा है.

Harsiddhi News: किसान आईडी के अनुसार मिल रही खाद

सरकारी निर्देश के अनुसार किसानों को उनकी किसान आईडी में दर्ज भूमि के आधार पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है. कृषि सलाहकार की अनुशंसा के बाद ही दुकानदार खाद का वितरण कर रहे हैं. बिना अनुमति किसी भी किसान को उर्वरक नहीं दिया जा रहा है.

कृषि सलाहकार ने बताई नई व्यवस्था

कृषि सलाहकार साबिर आलम ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार नियंत्रित मात्रा में ही उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है. बड़े किसानों को दो बोरी तथा छोटे किसानों को एक बोरी खाद देने का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि कृषि सलाहकार की अनुशंसा के बाद ही उर्वरक का वितरण किया जा रहा है.

पर्याप्त खाद नहीं मिलने से किसान चिंतित

किसानों का कहना है कि गन्ना सहित अन्य फसलों के लिए अधिक मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता होती है, लेकिन निर्धारित सीमा के कारण जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है. किसान मुकेश कुमार, अवधेश प्रसाद, बबलू कुमार और मनोज प्रसाद ने बताया कि जहां उन्हें 8 से 10 बोरी यूरिया की आवश्यकता है, वहां एक माह में केवल दो बोरी ही मिल रही है. इससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

उर्वरक विक्रेताओं ने बताई मजबूरी

उर्वरक विक्रेताओं का कहना है कि वे सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं. कृषि सलाहकार की लिखित अनुशंसा के बिना खाद वितरण करने पर कार्रवाई की आशंका रहती है. इसलिए नियमानुसार ही किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है.

किसानों ने सरकार से की व्यवस्था में सुधार की मांग

किसानों ने सरकार से मांग की है कि खेती की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था में संशोधन किया जाए. उनका कहना है कि समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने से फसल उत्पादन बेहतर होगा और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा.

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By Braj kishor prasad

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