मोतिहारी में धान की फसल के लिए यूरिया की किल्लत, निर्धारित दर से अधिक दाम वसूल रहे दुकानदार

मोतिहारी प्रखंड के किसानों को धान की फसल के लिए यूरिया की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. किसान तय सरकारी दर से अधिक कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर हैं. जानें इस संकट की वजह और अधिकारी क्या कह रहे हैं.

Agriculture News: मोतिहारी प्रखंड में धान की फसल में यूरिया डालने का मुख्य समय आते ही किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. प्रखंड के विभिन्न गांवों के किसान यूरिया की खातिर पैक्स और लाइसेंसी उर्वरक दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. किसानों की मुख्य शिकायत है कि कुछ पैक्स और लाइसेंसी दुकानों पर निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है. खेती के इस नाजुक दौर में यूरिया की अत्यधिक आवश्यकता के चलते किसान चुपचाप अधिक राशि चुकाने को विवश हैं.

Urea Crisis: निर्धारित दर से अधिक वसूली और स्टॉक खत्म होने का बहाना

नियम के मुताबिक 45 किलो यूरिया के बोरे की निर्धारित कीमत 266.50 रुपये है. इसके बावजूद कई जगहों पर दुकानदारों द्वारा मनमाने ढंग से इससे अधिक पैसे की मांग की जा रही है. किसानों का आरोप है कि जब वे तय सरकारी दर पर खाद की मांग करते हैं, तो दुकानदारों द्वारा दुकान में स्टॉक नहीं होने की बात कहकर टरका दिया जाता है.

दुकानों के स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों की हो गहन जांच

परेशान किसानों का कहना है कि मोतिहारी प्रखंड की सभी पैक्स और लाइसेंसी दुकानों के स्टॉक की नियमित रूप से जांच कराई जानी चाहिए. स्टॉक रजिस्टर में दर्ज मात्रा और दुकान में मौजूद वास्तविक खाद का भौतिक मिलान होना जरूरी है. बिक्री रजिस्टर के साथ-साथ किसानों को दी जा रही पक्की रसीद की भी जांच होने पर अधिक वसूली का सच सामने आएगा.

बिक्री के ऊंचे आंकड़ों के बाद भी धरातल पर किल्लत जारी

जिले में जुलाई के दौरान 5 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया बिका और अगस्त के शुरुआती सात दिनों में ही 2,272.19 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री दर्ज की गई. इतने भारी आंकड़ों के बावजूद मोतिहारी प्रखंड के किसानों को खाद के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.

अधिकारी का बयान

मोतिहारी प्रखंड के बीएओ रमन कुमार ने बताया कि यूरिया पाने के लिए अब किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. यदि कोई दुकानदार अधिक दाम या मनमानी करता है, तो उसकी तुरंत सूचना दें, जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

By सामंत कुमार गौतम

सामंत वर्ष 2013 से यानी पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वाणिज्य (बी.कॉम) और कानून (एलएलबी) स्नातक सामंत को समाचार संकलन, संपादन, कंप्यूटर तकनीक और समाचार प्रबंधन का व्यापक अनुभव है. ये पत्रकारिता के साथ-साथ समाचारों के तकनीकी व प्रबंधकीय कार्यों में विशेष रुचि रखते हैं.

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