Motihari: जमीन अधिग्रहण का किसानों ने किया विरोध

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 47 वीं वाहिनी के मुख्यालय विस्तार योजना के तहत चिकनी गांव के ग्रामीणों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू की गयी है.

Motihari: रक्सौल .सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 47 वीं वाहिनी के मुख्यालय विस्तार योजना के तहत चिकनी गांव के ग्रामीणों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू की गयी है. मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में एसएसबी 47 वीं वाहिनी के मुख्यालय की अंतिम चारदीवारी से पूरब के तरफ लगभग 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, इसको लेकर जिला भू-अर्जन, अंचल कार्यालय व एसएसबी की टीम काम कर रही है. इन सब के बीच गुरुवार को चिकनी गांव के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज की है. प्रदर्शन कर रहे चिकनी गांव के किसानों का कहना था कि पहले ही हवाई अड्डा और एसएसबी मुख्यालय बनाने को लेकर उनकी जमीन का अधिग्रहण हुई है. अब जो जमीन शेष रह गयी है, उसके भी अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गयी है. प्रदर्शन में शामिल अजयपाल सिंह, दिलीप सिंह, मनोज सिंह, सतीश गिरी, हरेन्द्र साह, रविन्द्र कुमार, छोटेलाल साह आदि ने कहा कि हमलोगों को यह जानकारी प्राप्त हुई है कि एसएसबी कैंप विस्तार के लिए 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. इससे पहले भी जो जमीन अधिग्रहण हुआ था, उसमे किसानों को काफी कम मुआवजा मिला था. अब जो थोड़ी सी बची हुई जमीन है, उसका अधिग्रहण कर उचित मुआवजा नहीं मिलेगा तो हम किसानों के सामने परिवार को चलाने की समस्या हो जायेगी. प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना था कि अभी जिस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है, वह पूर्ण रूप से व्यवसायिक है. क्योंकि जमीन के एक तरफ हवाई अड्डा है, पूरब तरफ हाइवे सड़क, दक्षिण तरफ एएनएम स्कूल तथा पश्चिम में एसएसबी का मुख्यालय है. ऐसे में अधिग्रहण उसी शर्त पर स्वीकार होगा, जब जमीन का व्यवसायिक जमीन के हिसाब से मूल्यांकन कर हमलोगों को भुगतान दिया जाएगा. ग्रामीणों ने कहा कि प्रदर्शन के साथ-साथ हमलोगों ने अपनी मांग को लेकर एक आवेदन पत्र जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और जिला भू-अर्जन कार्यालय को भी दिया है. जिसमें मुख्य रूप से जमीन का अधिग्रहण व्यवसायिक मूल्यांकन कराते हुए करने की मांग की गयी है. मौके पर मनोज सिंह, मुन्ना सिंह, ओमप्रकाश कुमार, बृजेन्द्र दास, निरंजन सिन्हा, सोनू सिंह, विकास साह, लालबाबू सिंह, लक्ष्मी राउत सहित सैकड़ों की संख्या में किसान व ग्रामीण मौजूद थे.

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