मोतिहारी: ई-शिक्षाकोष ने खोली लापरवाही की पोल, शिक्षक का वेतन रुका तो बीईओ से भी मांगा जवाब

मोतिहारी में शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर एक साल से हाजिरी दर्ज न करने वाले शिक्षक कुणाल किशोर पर कड़ी कार्रवाई की है. उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है. साथ ही, विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संबंधित बीईओ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिससे लापरवाह शिक्षकों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

Motihari News: मोतिहारी. जिले में शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लंबे समय से हाजिरी दर्ज नहीं करने वाले शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय सेमरा में पदस्थापित शिक्षक कुणाल किशोर का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक का वेतन भी रोका गया है और मोतिहारी के बीईओ से स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है.

एक साल से पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई थी हाजिरी

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी के कार्यालय आदेश के अनुसार, दूरभाष पर मिली शिकायत के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा की गई. जांच में पाया गया कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय सेमरा के शिक्षक कुणाल किशोर ने अगस्त 2025 से अगस्त 2026 तक पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की थी.

विभाग के अनुसार, इसके बावजूद शिक्षक द्वारा प्रत्येक माह वेतन का उठाव किया जा रहा था. विभाग ने इसे अनधिकृत अनुपस्थिति और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका से जुड़ा गंभीर मामला माना है.

24 घंटे में मांगा गया साक्ष्य आधारित जवाब

शिक्षा विभाग ने शिक्षक के कृत्य को घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता और वित्तीय अनियमितता माना है. इसे शिक्षक नियमावली 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन भी बताया गया है.

आरोपी शिक्षक को पत्र प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर साक्ष्य आधारित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है.

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प्रधानाध्यापक का भी वेतन स्थगित

मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को भी जिम्मेदार माना गया है. विभाग के अनुसार एचएम द्वारा विद्यालय के शिक्षकों की ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नियमित समीक्षा नहीं की गई, जिससे शिक्षक की अनुपस्थिति लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी.

इसी कारण प्रधानाध्यापक का वेतन भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.

बीईओ से भी 24 घंटे में जवाब तलब

डीईओ ने संबंधित बीईओ को निर्देश दिया है कि वे शिक्षक को आदेश की प्रति उपलब्ध कराकर इसकी रिपोर्ट कार्यालय को दें. साथ ही बीईओ से भी 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

डीईओ ने कहा कि बीईओ द्वारा अपने प्रखंड के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण और ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा नहीं किए जाने की बात सामने आई है. उनसे पूछा गया है कि इस लापरवाही के लिए उनका वेतन क्यों न रोक दिया जाए.

शिक्षा विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप

शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के लापरवाह शिक्षकों और अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है. विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, ई-शिक्षाकोष पोर्टल की निगरानी और शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By अमृतेश कुमार

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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