Motihari Transfer Redux: पूर्वी चंपारण जिले में स्थानांतरण के बाद भी नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं देने वाले सरकारी कर्मियों पर जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है. जिलाधिकारी ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल पूरी रिपोर्ट भेजने का कड़ा निर्देश दिया है. प्रशासन की इस सख्ती से लापरवाही बरतने वाले कर्मियों में हड़कंप मच गया है.
योगदान और विरमण की सूचना नहीं मिलने पर डीएम ने जताई नाराजगी
जिला स्थापना शाखा की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि विभिन्न विभागों के कई कर्मियों का स्थानांतरण पहले ही किया जा चुका है. इसके बावजूद अब तक उनके नए स्थान पर योगदान करने और पुराने कार्यालय से विरमण होने की कोई स्पष्ट सूचना जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुई है. डीएम ने इस प्रशासनिक शिथिलता पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है.
इन बड़े अधिकारियों को जारी हुआ सख्त आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने समाहरणालय के सभी कार्यालय प्रधान,सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ),डीसीएलआर,प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) और अंचलाधिकारियों (सीओ) को लिखित निर्देश जारी किया है. उन्होंने कहा है कि स्थानांतरित कर्मियों के विरमण और योगदान की अद्यतन स्थिति तुरंत जिला स्थापना शाखा को उपलब्ध कराई जाए.
लिपिक से लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर तक पर गिरेगी गाज
इस प्रशासनिक आदेश के दायरे में कई श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं. स्थानांतरण से जुड़े जिन मामलों की गहन समीक्षा की जा रही है,उनमें मुख्य रूप से लिपिक,राजस्व कर्मचारी,आईटी सहायक,कार्यपालक सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं. जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जिन कर्मियों ने आदेश के बाद भी नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दिया है,उनकी सूची तत्काल भेजी जाए ताकि उनके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सके.
