डीईओ कार्यालय में शिक्षिका के पति की मौत के बाद बड़ा एक्शन, तीन कर्मचारियों से मांगा जवाब

मोतिहारी डीईओ कार्यालय परिसर में हुई एक दुखद घटना के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. एक शिक्षिका के पति की तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के मामले में तीन कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है.

Teacher Salary Issue Motihari: जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर में शनिवार को हुई घटना के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है. रविवार को अवकाश के दिन भी डीईओ कार्यालय खुला रहा, जहां डीईओ राजन कुमार गिरी, डीपीओ गोपाल कृष्ण समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. डीईओ ने पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है.

सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

डीईओ ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में बताया कि यूएमएस गयाघाट, हरसिद्धि की एक शिक्षिका शनिवार दोपहर करीब 12 बजे कर्मचारी भविष्य निधि (यूएएन) नंबर से संबंधित कार्य के लिए डीईओ कार्यालय पहुंची थीं.

इस दौरान उनके पति अरविंद कुमार कार्यालय परिसर के पुराने भवन के पास अपनी बाइक के निकट खड़े थे. इसी बीच करीब 12:34 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े.

कार्यालय कर्मियों और मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया तथा पुलिस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

डीईओ के अनुसार पूरी घटना कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है.

शव लेकर पहुंचे परिजन, किया विरोध

रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 3:33 बजे अस्पताल से मृतक का शव एंबुलेंस के माध्यम से दोबारा डीईओ कार्यालय लाया गया, जहां परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया.

घटना की सूचना तत्काल एसडीएम को दी गई. डीईओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित शिक्षिका ने इससे पहले बकाया वेतन या अन्य किसी समस्या के संबंध में उनके कार्यालय को कोई आवेदन नहीं दिया था.

तीन कर्मचारियों से मांगा गया जवाब

घटना के बाद डीईओ ने वेतन भुगतान से जुड़े मामले में डीपीओ स्थापना कार्यालय के प्रधान लिपिक अमित कुमार सिंह, शिवनाथ विद्यार्थी और अभिषेक कुमार से जवाब-तलब किया है.

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वेतन भुगतान को लेकर क्या कहा डीईओ ने?

डीईओ ने बताया कि संबंधित शिक्षिका का नियोजन वर्ष 2005 में शिक्षक मित्र के रूप में हुआ था और उन्होंने मार्च 2007 तक सेवा दी. इसके बाद वह 16 मार्च 2021 तक अनुपस्थित रहीं.

जिला प्राधिकार के निर्देश पर उन्होंने 17 मार्च 2021 को पुनः विद्यालय में योगदान दिया. डीईओ के अनुसार वर्ष 2025 से मास्टर डाटा और उपस्थिति के आधार पर उनका वेतन भुगतान किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि लंबित वेतन का भुगतान आवश्यक अभिलेख और अनुपस्थिति संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा. साथ ही सितंबर 2025 में इस मामले में हरसिद्धि के बीईओ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया था.

जांच जारी

शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज, संबंधित अभिलेखों और कर्मचारियों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


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लेखक के बारे में

अमृतेश 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. खबर पर हमेशा पैनी नजर रखने वाले अमृतेश को क्षेत्रीय और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है. वर्तमान में ये डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपनी लेखनी के जरिए लगातार सक्रिय हैं.

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