Motihari News: कोटवा के भोपतपुर थाना क्षेत्र में पकड़े गए कथित जाली नोट गिरोह की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं. प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क केवल पूर्वी चंपारण या बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और नेपाल तक फैला हुआ था. पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल में जुटी हैं.
Fake Currency News: दिल्ली में छपते थे नोट, मोतिहारी से होती थी सप्लाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार फर्जी करेंसी की छपाई दिल्ली में होती थी. वहां से बैग में भरकर सड़क मार्ग के जरिए जाली नोट मोतिहारी लाए जाते थे. इसके बाद मोतिहारी को फर्जी नोटों की डील और वितरण का प्रमुख केंद्र बनाकर बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में सप्लाई किए जाने की आशंका है. नेपाल से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है.
कई वर्षों से सक्रिय था गिरोह
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पिछले कई वर्षों से सक्रिय था. गिरफ्तार चारों आरोपितों से लगातार पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा फर्जी नोटों के लेन-देन का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित होता था.
क्या बोले डीएसपी
डीएसपी सदर-2 जितेश पाण्डेय ने बताया कि चारों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. गिरोह से जुड़े अन्य ठिकानों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही वहां भी कार्रवाई की जाएगी.
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