पूर्वी चंपारण के बंजरिया, तेतरियाव बनकटवा में खोले जायेंगे डिग्री कॉलेज

सबको शिक्षा की सुविधा अपने प्रखंडों में मिले इसको लेकर सरकार ने डिग्री काॅलेज से वंचित प्रखंडों में काॅलेज खाेलने को ले विभागीय तैयारी तेज कर दी है.

वरीय संवाददाता, मोतिहारी.सबको शिक्षा की सुविधा अपने प्रखंडों में मिले इसको लेकर सरकार ने डिग्री काॅलेज से वंचित प्रखंडों में काॅलेज खाेलने को ले विभागीय तैयारी तेज कर दी है. इसके तहत पूर्वी चम्पारण जिले में बंजरिया,तेतरिया व बनकटवा में डिग्री काॅलेज खोले जायेंगे. अन्य प्रखंडों में चल रही है जांच प्रक्रिया. प्रखंड में अपना डिग्री कॉलेज खोलने के लिए जमीन की तलाश तेज कर दी गयी है. इसके लिए शिक्षा विभाग ने डीएम से रिपोर्ट मांगी है. योजना है कि अगले सत्र से पढ़ाई शुरू कर दी जाये. इस पहल से युवाओं को उनके ही प्रखंड में उच्चतर शिक्षा मिला करेगी. उनका समय व अतिरिक्त खर्च भी बचेगा. बिहार के उच्च शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा तैयार हो गयी है. मुख्यमंत्री के ””””””””सात निश्चय 2”””””””” (2025-30) के अंतर्गत उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. अब राज्य के उन सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जो अब तक उच्च शिक्षा की सुविधाओं से वंचित थे. शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने सभी डीएम को जल्द ऐसे प्रखंडों को चिन्हित कर जमीन व भवन की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. विभाग ने जब जिलावार आंकड़ों की स्कैनिंग शुरू किया गया तो यह जानकारी सामने आयी कि राज्य में कॉलेजों का वितरण काफी असमान है. प्रदेश में सैकड़ों ऐसे प्रखंड हैं, जहां अंगीभूत या सहायता प्राप्त कॉलेजों की संख्या शून्य है. बुनियादी या उच्च मा. स्कूलों में तत्काल हो सकता है वर्ग संचालन विभागीय सचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार, कॉलेजों की स्थापना के लिए कड़े मानक तय किये गये हैं. तात्कालिक व्यवस्था में संचालन के लिए राजकीय बुनियादी विद्यालय या उच्च माध्यमिक स्कूलों में कम से कम 10 अतिरिक्त कमरों की मांग की गयी है. जहां कमरे नहीं हैं, वहां प्री-फैब तकनीक से अस्थायी क्लासरूम बनाए जायेंगे. शहरी क्षेत्रों के लिए 2.5 एकड़ व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए न्यूनतम पांच एकड़ भूमि का होना अनिवार्य है. जिले में डिग्री कॉलेज की सबसे ज्यादा जरूरत इन तीन प्रखंडों में है, अभी पताही, पहाड़पुर, केसरिया, संग्रामपुर, कोटवा, तुरकौलिया, चिरैया, फेनहराआदि प्रखंडों में डिग्री कांलेज नहीं है.जहां के लोगों को सरकार से डिग्री काॅलेज की उम्मीद है.

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