मोतिहारी कृषि मेले में उमड़ी भीड़, किसान चाची के अचार से लेकर शहद और पौधों की हो रही खरीदारी

मोतिहारी में आयोजित कृषि, पशुपालन एवं मात्स्यिकी उद्यमी उन्नति मेले में किसानों के स्वदेशी उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. 150 से अधिक स्टॉलों पर चंपारण के देसी अचार, शहद, जैविक सब्जियां और आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगी है. यह मेला किसानों को नई तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़ने का एक शानदार मंच साबित हो रहा है.

Motihari News: बापूधाम सभागार में लगा कृषि, पशुपालन एवं मात्स्यिकी उद्यमी उन्नति मेला इन दिनों किसानों के उत्पादों के साथ चंपारण के देसी स्वाद के लिए भी लोगों को आकर्षित कर रहा है. मेले में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि उपकरण, बीज, पौधे और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं. खासकर किसानों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार अचार, घरेलू खाद्य सामग्री, कॉस्मेटिक सामान, शहद और जैविक सब्जियों की खरीदारी में लोगों की दिलचस्पी देखने को मिल रही है.

150 से अधिक स्टॉल पर दिख रहे स्थानीय उत्पाद

मेले में कृषि उपकरण, उन्नत बीज, पौधे और विभिन्न प्रकार के स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं. सब्जी काटने वाली आधुनिक मशीन, कृषि यंत्र, आम-लीची के पौधे समेत कई उत्पाद लोगों का ध्यान खींच रहे हैं.

राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किसान चाची के उत्पाद, मदर डेयरी, कृष्ण पिक्लस, वन एवं पर्यावरण विभाग, जीविका दीदी, आत्मा, उद्योग केंद्र और पशुपालन विभाग के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

किसानों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की हो रही खरीदारी

मेले की खासियत यह है कि कई उत्पाद सीधे किसानों और स्थानीय उत्पादकों की ओर से बिक्री के लिए लाए गए हैं. घरेलू स्तर पर तैयार अचार, खाद्य सामग्री, शहद और जैविक सब्जियों की लोग जानकारी लेने के साथ खरीदारी भी कर रहे हैं.

स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार मिलने से किसानों और ग्रामीण महिलाओं में भी उत्साह देखा जा रहा है.

चंपारण के देसी अचार की खुशबू से महका मेला

मेले में चंपारण के देसी जायके का भी अलग रंग देखने को मिल रहा है. अचार के स्टॉल से उठती खुशबू लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है.

आम, नींबू, मिर्च समेत कई तरह के अचार लोगों की पसंद बने हुए हैं. किसान चाची के स्टॉल पर भी लोग अचार बनाने की विधि और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जानकारी लेते दिखे.

शुद्ध शहद और ताजी जैविक सब्जियों की भी अच्छी मांग देखने को मिल रही है.

कृषि यंत्र और मछली पालन की भी ले रहे जानकारी

मेले में कृषि से जुड़े लोग स्टॉल पर लगाए गए आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी लेते नजर आए. वहीं मछली पालन करने वाले लोग मत्स्य पालन से जुड़े स्टॉल पर पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान पूछते दिखे.

हाथ से तैयार लकड़ी की सजावटी वस्तुएं भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.

किसानों को बाजार और नई तकनीक से जोड़ना उद्देश्य

आयोजकों के अनुसार मेले का उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ नई तकनीक से जोड़ना है. वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक खेती, फसल प्रबंधन, मिट्टी की उर्वरता और उत्पादों के बेहतर विपणन की जानकारी दे रहे हैं.

इस तरह मेला किसानों के लिए सिर्फ बिक्री का माध्यम नहीं, बल्कि सीखने और नए अवसर तलाशने का मंच भी बन गया है.

17 सितंबर तक रहेगा राष्ट्रीय व्यापार मेला का काउंटर

कार्यक्रम के संयोजक उप मेयर डॉ. लालबाबू प्रसाद ने बताया कि सामान्य काउंटर के अलावा राष्ट्रीय व्यापार मेला के लगाए गए काउंटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर तक रहेंगे.

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लेखक के बारे में

By हिमांशु कुमार

हिमांशु पिछले 11 वर्षों से समाचार लेखन, संपादन के कार्य में सक्रिय हैं. इन्हें प्रशासनिक खबरों, जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, खेल, बाजार तथा विभिन्न सामाजिक एवं संस्थागत गतिविधियों पर सटीक और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग करने में विशेष रुचि है.

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