Nepal Road Widening: भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के वीरगंज महानगरपालिका में मुख्य सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार चौड़ा करने के लिए चलाया जा रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज हो गया है. अभियान के पहले ही सप्ताह में करीब 300 घरों और अन्य अतिक्रमित संरचनाओं को हटाया जा चुका है. सड़क विभाग का दावा है कि तय समय सीमा के भीतर शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा.
8 किमी परियोजना में 6 किमी सड़क हुई खाली
सड़क डिभिजन कार्यालय, हेटौंडा के इंजीनियर एवं वीरगंज के फोकल पर्सन दुर्गा प्रसाद ने बताया कि गंडक चौक से घंटाघर और मैत्री पुल से वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ भवन तक फैली करीब 8 किलोमीटर लंबी सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है.
उन्होंने बताया कि अब तक करीब 6 किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है. फिलहाल छह डोजर प्रतिदिन 50 से 60 अतिक्रमित ढांचों को हटाने में लगे हैं.
शनिवार को श्रीराम हॉल, नारायणी अस्पताल से बिर्ता क्षेत्र तक सड़क के दोनों ओर 25-25 मीटर के दायरे में आने वाले निर्माण हटाए गए.
घंटाघर समेत चार इलाकों में अब चलेगा अभियान
सड़क विभाग के अनुसार अब आदर्शनगर, महावीरस्थान, माइस्थान और घंटाघर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बाकी है.
कई व्यापारियों और मकान मालिकों ने विभागीय कार्रवाई से पहले स्वयं अपने अतिक्रमित हिस्से हटाने शुरू कर दिए हैं, जिससे अभियान जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है.
घंटाघर एलाइनमेंट विवाद का निकला समाधान
लंबे समय से घंटाघर क्षेत्र में सड़क की सेंटर लाइन को लेकर विवाद बना हुआ था. इस मामले का समाधान जिला प्रशासन कार्यालय, पर्सा में प्रमुख जिला अधिकारी भोला दाहाल की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में निकाला गया.
बैठक में वर्ष 2046/47 (नेपाली संवत) के आधिकारिक नापी नक्शे को आधार मानते हुए सड़क का एलाइनमेंट तय करने का निर्णय लिया गया.
निर्णय के अनुसार घंटाघर और नेपाल दूरसंचार कार्यालय के बीच मौजूद करीब 8.6 मीटर चौड़ी सड़क को केंद्र मानकर दोनों ओर 25-25 मीटर तक सड़क का विस्तार किया जाएगा.
सरकारी और निजी भवनों पर अलग कार्रवाई के आरोप
अभियान के दौरान नारायणी अस्पताल, डिभिजन वन कार्यालय, कोष तथा लेखा नियंत्रण कार्यालय, वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ, पुराना न्यायालय और पुराने अग्निशमन कार्यालय सहित कई सरकारी और निजी परिसरों के अतिक्रमित हिस्सों पर कार्रवाई की गई.
हालांकि कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निजी मकानों और दुकानों पर पूरी तरह बुलडोजर चलाया जा रहा है, जबकि कई सरकारी संस्थानों में केवल चारदीवारी हटाई जा रही है.
स्थानीय लोगों का दावा है कि गंडक चौक से मैत्री पुल तक करीब 29 सरकारी कार्यालय, बैंक और सार्वजनिक संस्थानों की अतिक्रमित संरचनाएं भी मौजूद हैं, जिन पर समान स्तर की कार्रवाई होनी चाहिए.
सड़क विभाग ने आरोपों का किया खंडन
सड़क डिभिजन कार्यालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकारी और निजी दोनों प्रकार की संपत्तियों पर समान नियम लागू किए जा रहे हैं.
विभाग के अनुसार कुछ सरकारी संस्थानों को अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए सीमित समय दिया गया है. तय अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर वहां भी बुलडोजर चलाया जाएगा.
विभाग ने बताया कि नेपाल के सर्वोच्च अदालत के आदेश के अनुसार मुख्य सड़क के दोनों ओर 25-25 मीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है.
परियोजना से क्या होगा फायदा?
सड़क विभाग का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद:
- शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी.
- जाम की समस्या कम होगी.
- आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा.
- वीरगंज शहर की शहरी संरचना और सौंदर्य में सुधार होगा.
वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे अभियान में सरकारी और निजी सभी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ समान, पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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