Jitendra Kumar Murder Case: रामगढ़वा में चर्चित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक जितेंद्र कुमार हत्याकांड में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने बगहा के धनहा थाना क्षेत्र स्थित आरोपियों के गांव पहुंचकर इश्तेहार चस्पा किया और मुनादी कराकर तय समय के भीतर आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.
जनवरी में संदिग्ध हालत में मिला था शव
यह मामला 24 जनवरी 2026 का है. उस दिन रामगढ़वा में बैंक मैनेजर जितेंद्र कुमार का शव उनके किराये के मकान में पंखे से लटका मिला था.
मृतक पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के बड़कागांव के निवासी थे. घटना के बाद परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया था.
पत्नी और सास समेत अन्य पर दर्ज है मामला
मृतक के पिता की शिकायत पर रामगढ़वा थाना कांड संख्या 44/26 दर्ज किया गया था.
प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मृतक की पत्नी वंदना कुमारी, सास फुला देवी समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. घटना के बाद से सभी नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं.
न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
न्यायालय के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता एसआई मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के गांव पहुंचकर इश्तेहार चस्पा किया और मुनादी कराई.
इस दौरान ग्रामीणों को भी बताया गया कि न्यायालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपी यदि आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
पुलिस ने दी अंतिम चेतावनी
रामगढ़वा थानाध्यक्ष संजीव मौआर ने बताया कि फरार आरोपियों को न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए जल्द आत्मसमर्पण करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो न्यायालय के निर्देशानुसार आरोपियों की संपत्ति की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रखे हुए है.
