पीएम मोदी को राममंदिर की कलाकृति भेंट करने वाले अनुराग ने अब बनाई बाबा बर्फानी की मूरत, क्षेत्र में चर्चा

एक 8वीं कक्षा के छात्र ने फोम से बाबा बर्फानी की बेहद सुंदर प्रतिमा तैयार की है. इससे पहले उसने राम मंदिर की भी कलाकृति बनाई थी, जिसे पीएम मोदी को भेंट किया था. यह प्रतिमा अमरनाथ यात्रियों के लिए विशेष उत्साह का केंद्र बनी है.

 Banjaria Amarnath Idol:  कहते हैं कि भक्ति में बहुत शक्ति होती है और जब यह भक्ति कला के रूप में बाहर आती है, तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं लगती. आगामी 26 जुलाई 2026 को बंजरिया के सिंघिया गुमटी से बाबा बर्फानी की पावन यात्रा पर निकलने वाले 45 श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए इस बार की विदाई बेहद खास होने वाली है. इस यात्रा को और भी भक्तिमय बनाने का श्रेय कक्षा आठवीं के होनहार छात्र अनुराग को गया है, जिसने अपने हाथों से फोम का उपयोग कर बाबा बर्फानी की अत्यंत सुंदर और मनमोहक प्रतिमा तैयार की है.

अदम्य आस्था और कला का अनूठा समर्पण

सिंघिया गुमटी निवासी दवा दुकानदार कामेश्वर साह और आंगनबाड़ी सेविका सरिता देवी के छोटे पुत्र अनुराग गुप्ता ने अपनी श्रद्धा को कला का जामा पहनाया है. अनुराग की इस अद्भुत कृति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात बाबा बर्फानी स्वयं वहां विराजमान हों. अनुराग के लिए यह कोई पहली कलात्मक उपलब्धि नहीं है. इससे पहले वर्ष 2025 में 18 जुलाई को उसने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की एक अद्भुत हस्तनिर्मित कलाकृति बनाई थी, जिसे उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे बंजरिया प्रखण्ड सहित जिले का मान बढ़ाया था. उसी प्रेरणा और ऊर्जा को संजोए हुए इस बार उसने बाबा बर्फानी की प्रतिमा को अपना समर्पण बनाया है.

अमरनाथ यात्रा को लेकर बंजरिया में उत्साह का माहौल

सिंघिया गुमटी स्थित चौक से 26 जुलाई को अमरनाथ यात्रा के लिए 45 श्रद्धालुओं का दल रवाना होगा. यात्रा की पूर्ण सफलता और सुरक्षा के लिए प्रस्थान से पूर्व एक विशेष पूजा का आयोजन किया गया है. इस पावन यात्रा में अनुराग के पिता कामेश्वर साह भी शामिल हो रहे हैं. शहर स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्र अनुराग की इस कठिन मेहनत की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक छोटे से बच्चे द्वारा बनाई गई यह प्रतिमा यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के मनोबल और उत्साह को और अधिक बढ़ाएगी.

आस्था के सामने उम्र की सीमा हुई बेअसर

अनुराग की यह कलात्मक प्रतिभा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि मन में सच्ची आस्था हो, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती. श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पावन दर्शन के लिए प्रस्थान करने से पूर्व अनुराग की बनाई गई इस भव्य प्रतिमा के सामने शीश नवाकर अपनी यात्रा की मंगलकामनाएं कर रहे हैं.


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