Raxaul News: रक्सौल. प्रखंड क्षेत्र की जोकियारी पंचायत के चिकनी गांव में संचालित एएनएम स्कूल की चहारदीवारी नहीं होने से स्कूल प्रबंधन को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खुला परिसर होने के कारण बाहरी लोगों का प्रवेश आसानी से हो जाता है. स्कूल प्रबंधन के अनुसार, असामाजिक तत्व परिसर में घुसकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और जरूरी सामानों की चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. इससे स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ यहां पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है.
दो बैच की 80 से अधिक छात्राएं करती हैं पढ़ाई
रक्सौल स्थित एएनएम स्कूल में वर्तमान में दो बैच की करीब 80 से अधिक छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं. स्कूल परिसर में एक प्रशासनिक भवन और एक आवासीय भवन है. दोनों भवनों के आसपास अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं कराया गया है. ऐसे में दिन के साथ-साथ रात के समय भी परिसर की सुरक्षा को लेकर परेशानी बनी रहती है.
फायर सिस्टम का पाइप और बस की बैटरी चोरी
स्कूल की प्राचार्य रश्मी रंजन ने बताया कि चहारदीवारी नहीं होने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं. परिसर में रखी सरकारी संपत्तियों और जरूरी सामानों को नुकसान पहुंचाने के साथ चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं. फायर सिस्टम में लगा पाइप और छात्राओं को स्कूल से अस्पताल ले जाने वाली बस की बैटरी चोरी हो चुकी है. इसके अलावा स्कूल भवन के शीशे भी क्षतिग्रस्त किए जा रहे हैं.
खुला परिसर बना बाहरी लोगों के प्रवेश का रास्ता
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, चहारदीवारी नहीं होने के कारण परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश आसानी से हो जाता है. खासकर रात के समय सुरक्षा को लेकर अधिक परेशानी रहती है. स्कूल में छात्राओं के रहने और पढ़ने के कारण परिसर की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन की चिंता लगातार बढ़ रही है.
विभाग को कई बार दी गयी जानकारी
प्राचार्य रश्मी रंजन ने बताया कि स्कूल परिसर की सुरक्षा को देखते हुए चहारदीवारी निर्माण की आवश्यकता को लेकर स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्राचार के माध्यम से जानकारी दी गयी है. इसके बावजूद अब तक चहारदीवारी निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि छात्राओं और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह काम जल्द होना जरूरी है.
स्वास्थ्य विभाग से जल्द निर्माण की मांग
स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द से जल्द परिसर में चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग की है. प्रबंधन का कहना है कि चहारदीवारी बनने के बाद बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा. छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाने की मांग अब जोर पकड़ रही है.
यह भी पढ़ें: मकान की छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने पर कितना टैक्स बचेगा? जानें 5 प्रतिशत छूट का नियम
